नई दिल्ली। विपक्षी ‘इंडिया’ (INDIA) गठबंधन के घटक दलों की एक महत्वपूर्ण बैठक सोमवार (8 जून) को दिल्ली के कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में आयोजित की गई। इस बैठक में आगामी राजनीतिक रणनीति और संगठनात्मक समन्वय को लेकर चर्चा होने की जानकारी सामने आई है। बैठक में कांग्रेस की ओर से सोनिया गांधी (Sonia Gandhi), पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे (Mallikarjun Kharge) शामिल हुए। इसके अलावा ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) (तृणमूल कांग्रेस), अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) (समाजवादी पार्टी) और तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) (राष्ट्रीय जनता दल) समेत 20 से अधिक दलों के प्रमुख नेताओं ने भी बैठक में भाग लिया। सूत्रों के अनुसार, इस बैठक का उद्देश्य गठबंधन के भीतर समन्वय को मजबूत करना और आगामी चुनावी रणनीति पर विचार-विमर्श करना था। इस बैठक में आम आदमी पार्टी और DMK ने हिस्सा नहीं लिया, जिससे राजनीतिक हलकों में विभिन्न तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं।
इस बीच आम आदमी पार्टी के नेता सोमनाथ भारती का बयान सामने आया है. उन्होंने कहा कि एक विशेष मिशन के लिए ‘इंडिया गठबंधन’ का गठन किया गया था, ठीक उसी तरह जैसे सत्ता पक्ष की ओर से NDA (National Democratic Alliance) बनाया गया है। उन्होंने कहा कि हर गठबंधन का एक “धर्म” होता है, और उसका मूल सिद्धांत यह होना चाहिए कि जो अंदर है वह स्पष्ट रूप से एक साथ रहे और जो बाहर है वह बाहर ही माना जाए। उन्होंने आगे कहा कि जब तक मल्लिकार्जुन खरगे के नेतृत्व में कांग्रेस ‘इंडिया गठबंधन’ का नेतृत्व करती रहेगी, तब तक इस गठबंधन का भविष्य कमजोर रहेगा।
कांग्रेस पर बीजेपी से ‘मिलीभगत’ के आरोप
सोमनाथ भारती ने कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि गठबंधन की बात करने के बावजूद कुछ स्तरों पर “अंदरखाने” बीजेपी के साथ समझौते जैसे हालात दिखते हैं। सोमनाथ भारती ने आरोप लगाया कि एक ओर कहा जाता है कि विपक्षी दल एकजुट होकर चुनाव लड़ेंगे और एक-दूसरे का समर्थन करेंगे, लेकिन व्यवहार में स्थिति अलग नजर आती है। उन्होंने दावा किया कि कई मौकों पर कांग्रेस और बीजेपी के बीच अप्रत्यक्ष तालमेल जैसा दिखाई देता है। उन्होंने दिल्ली के लोकसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि वहां 4/3 के फॉर्मूले पर सीटों का बंटवारा हुआ था, जिसमें तीन सीटें कांग्रेस को मिली थीं। भारती के अनुसार, इन सीटों पर Arvind Kejriwal ने खुलकर प्रचार किया और कांग्रेस उम्मीदवारों के लिए वोट भी मांगे।
सोमनाथ भारती ने दावा किया कि जिन चार सीटों पर आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे थे, उन पर कांग्रेस की ओर से केवल राहुल गांधी को छोड़कर किसी भी बड़े नेता ने खुलकर समर्थन नहीं दिया और न ही जनता से वोट मांगने के लिए सक्रिय भागीदारी दिखाई। उन्होंने कहा कि “ऐसे में गठबंधन का क्या मतलब रह जाता है, जब सहयोगी दल एक-दूसरे के लिए ज़मीनी स्तर पर प्रचार ही नहीं करते।” भारती के अनुसार, कई जगहों पर आम आदमी पार्टी के खिलाफ ही माहौल बनाने की कोशिश भी की गई। उन्होंने आगे दिल्ली विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि परिणाम आने के बाद कांग्रेस की प्रतिक्रिया भी निराशाजनक रही। उनके मुताबिक, कांग्रेस ने शून्य सीटें मिलने के बाद भी ऐसी प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जिसमें आम आदमी पार्टी की हार पर संतोष जताया गया, जो गठबंधन की भावना के खिलाफ है।
सोमनाथ भारती ने कहा कि कुछ परिस्थितियों में चुनावी परिणाम “वोट काटने और वोट चोरी” जैसे कारणों से प्रभावित हुए। उन्होंने दावा किया कि एक समय उनके क्षेत्र में लगभग 1 लाख 48 हजार वोट थे, जो कुछ महीनों बाद घटकर 1 लाख 2 हजार रह गए। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि जब Rahul Gandhi देश में “वोट चोरी” की चर्चा करते हैं, तो दिल्ली के मामलों पर चुप्पी क्यों रहती है। भारती के अनुसार, अगर इस तरह की अनियमितताओं पर बात की जाती है, तो उसमें सभी राज्यों को शामिल किया जाना चाहिए। AAP नेता ने आगे कांग्रेस पर गठबंधन धर्म न निभाने का आरोप लगाते हुए कहा कि सहयोगी दलों के साथ व्यवहार में समानता नहीं दिखाई देती। उन्होंने कहा कि ऐसे रवैये से विपक्षी एकता कमजोर होती है और गठबंधन की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े होते हैं।
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