हरियाणा के गुमथाला राव स्थित इंकलाब मंदिर में बुधवार को शहीद उधम सिंह के शहीदी दिवस पर श्रद्धांजलि समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर वक्ताओं ने देश के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले सभी शहीदों को केंद्र सरकार से 'संवैधानिक शहीद का दर्जा' देने की मांग की।
परवेज खान, यमुनानगर। वीर शहीद उधम सिंह के शहीदी दिवस पर बुधवार को गुमथाला राव स्थित इंकलाब मंदिर में श्रद्धांजलि समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में स्कूलों के बच्चों, सामाजिक संस्थाओं और क्षेत्रवासियों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर देश के लिए निस्वार्थ अपने प्राणों की आहुति देने वाले सभी शहीदों को श्रद्धांजलि दी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता स्कूल प्रधानाचार्य मास्टर सलीमदीन ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में गुरमुख सिंह उपस्थित रहे।
श्रद्धांजलि सभा में इंकलाब मंदिर टीम के सदस्यों और क्षेत्र के देशभक्तों ने वीर शहीदों की प्रतिमाओं पर पुष्प अर्पित किए। माहौल “इंकलाब जिंदाबाद” और “शहीद उधम सिंह अमर रहें” के नारों से गूंज उठा।
‘शहीदों का जीवन परिचय घर-घर पहुंचे’
मुख्य अतिथि गुरमुख सिंह ने कहा कि इंकलाब मंदिर क्षेत्र की एक अनूठी पहचान बन चुका है, जहां प्रतिदिन वीर शहीदों को नमन किया जाता है। उन्होंने युवाओं से शहीदों के विचारों को अपनाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे मास्टर सलीमदीन ने कहा कि “शहीदों के जीवन परिचय और बलिदान की गाथाओं को जन-जन तक पहुंचाना हमारा कर्तव्य है। यही आने वाली पीढ़ियों के लिए सबसे बड़ा गौरवशाली इतिहास होगा।”
केंद्र सरकार से की गई बड़ी मांग
इंकलाब मंदिर टीम के संस्थापक अधिवक्ता वरयाम सिंह ने कहा कि देश को जात-धर्म से ऊपर उठकर शहीदों का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने मांग की कि निस्वार्थ भाव से अपने प्राणों की आहुति देने वाले सभी शहीदों को केंद्र सरकार संवैधानिक रूप से ‘शहीद’ का दर्जा दे।
उन्होंने बताया कि इंकलाब मंदिर की ओर से इसी मांग को लेकर केंद्र सरकार को ज्ञापन भेजकर मुहिम चलाई जा रही है। उन्होंने इस मुहिम में जन-जन के सहयोग की अपील भी की।
अधिवक्ता सर्वजीत सिंह ने कहा कि इंकलाब मंदिर में नमन करना उनकी दिनचर्या का हिस्सा बन गया है। “यहां आकर हमें देशभक्ति की प्रेरणा मिलती है”।
इस अवसर पर बलवंत सिंह, साहब सिंह, राकेश कुमार, रवि कुमार, पंकज कुमार, गौरव कुमार, सरबजीत सिंह, गुरनूर सिंह, अगमवीर सिंह, एडवोकेट करणजीत सिंह, अशमीन कौर, भारती, लवप्रीत सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।


