JSSC CGL परीक्षा में कथित फर्जीवाड़े की जांच तेज होने के क्रम में मुख्य संदिग्ध अभय कुमार तिवारी उर्फ मनोज कुमार तिवारी, उसकी पत्नी और भाई को कथित अनियमितताओं के सिलसिले में पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया गया है. अभय तिवारी JPSC की परीक्षा संचालित कराने वाली एजेंसी मेसर्स टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (टीडीपीएल) का मार्केटिंग मैनेजर है.

इस मामले में अब तक 25 की गिरफ्तारी हो चुकी है. सीआईडी मुख्यलय में अभय तिवारी से अगले तीन दिनों तक पूछताछ की जाएगी.

CID ने गोड्डा जिले के पौड़ैयाहाट में प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी के पद पर तैनात रहे अभय तिवारी को 22 जुलाई को गिरफ्तार किया गया था. उसकी गिरफ्तारी JPSC मेधा घोटाले की जांच के दौरान गोड्डा जिले से हुई थी. अभय की पत्नी सुषमा कुमारी और भाई अक्षय कुमार तिवारी को जेएसएससी सीजीएल परीक्षा के कथित पेपर लीक मामले में गिरफ्तार किया गया था. दोनों को 18 अगस्त को गिरफ्तार किया गया.

सीआईडी के अनुसार झारखंडJSSC Office स्नातक योग्यताधारी संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा-2023 में कथित अनियमितताओं के संबंध में SIT ने तीनों से पूछताछ शुरू कर दी है. इस मामले से जुड़े 18 अन्य संदिग्धों को भी नोटिस जारी कर पूछताछ की गई है. अब तक एसआईटी 37 से अधिक संदिग्धों और आरोपियों के बयान दर्ज कर चुकी है.

जानकारी के अनुसार अभय तिवारी को पहले दो बार उससे JPSC Civil Service मामले में पूछताछ की गई थी. इस बार उसे CGL मामले में रिमांड पर लिया गया है. रिमांड के दौरान सीआईडी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि परीक्षा में गड़बड़ी का नेटवर्क किस तरह काम करता था, इसमें कौन-कौन लोग जुड़े थे और अभ्यर्थियों तक परीक्षा से संबंधित जानकारी या प्रश्नपत्र कथित तौर पर कैसे पहुंचाए जाते थे.

CID ने JPSC की 14वीं प्रतियोगिता परीक्षा में अनुचित माध्यम से सफल तीन अभ्यर्थियों को पांच दिनों की रिमांड पर पूछताछ के बाद शनिवार को जेल भेज दिया है. आरोपी तीन अभ्यर्थियों उमाकांत उरांव, मनोज कुमार और रोशन केरकेट्टा की पांच दिनों की पुलिस रिमांड शनिवार को समाप्त हो गई.

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m