संभल. पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा के दौरान नॉनवेज खाने और बेचने को लेकर चल रहे विवाद में कल्कि धाम ट्रस्ट के अध्यक्ष और पूर्व कांग्रेस नेता आचार्य प्रमोद कृष्ण भी शामिल हो गए हैं. उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए नॉनवेज को लेकर सवाल उठाने वालों पर तंज कसा. आचार्य प्रमोद कृष्ण ने कहा कि अगर नॉनवेज खाने से मां दुर्गा नाराज होतीं, तो वह अपने पास शेर को क्यों रखतीं?
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X पर पोस्ट के बाद शुरू हुई चर्चा
आचार्य प्रमोद कृष्ण ने मंगलवार देर रात करीब एक बजे अपने X हैंडल पर यह टिप्पणी पोस्ट की. इसके बाद सोशल मीडिया पर इसको लेकर बहस शुरू हो गई. कई यूजर्स ने पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए सवाल किया कि क्या आचार्य प्रमोद कृष्ण का अब बीजेपी से मोहभंग हो गया है. वहीं, एक यूजर ने टिप्पणी की कि कांग्रेस छोड़ने के बाद उन्होंने पहली बार सही बात कही है.
बाबा बागेश्वर ने किया नॉनवेज बैन का समर्थन
यह विवाद उस समय सामने आया है जब बागेश्वर धाम के धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने हावड़ा में दुर्गा पूजा पंडालों को लेकर बयान दिया था. उन्होंने कहा था कि दुर्गा पूजा पंडालों के पीछे या देवी प्रतिमाओं के आसपास नॉनवेज भोजन नहीं बनाया या बेचा जाना चाहिए. उन्होंने दुर्गा पूजा के दौरान नॉनवेज पर प्रतिबंध लगाने की विश्व हिंदू परिषद की मांग का समर्थन किया था.
महाअष्टमी पर शराब की बिक्री पर रोक
इसी बीच पश्चिम बंगाल में महाअष्टमी को लेकर भी बड़ा फैसला सामने आया है. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने महाअष्टमी के दिन पूरे राज्य में शराब की बिक्री पर रोक लगाने की घोषणा की है. इसके तहत शराब की सभी खुदरा दुकानें और बार बंद रहेंगे. पूरे दिन शराब की बिक्री की अनुमति नहीं होगी. इसके अलावा जुलूस और डीजे को लेकर भी प्रतिबंध की बात कही गई है.
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धार्मिक भावनाओं और परंपरा पर बहस
दुर्गा पूजा के दौरान नॉनवेज को लेकर अलग-अलग धार्मिक और सामाजिक विचार सामने आने से विवाद बढ़ गया है. एक ओर नॉनवेज पर रोक की मांग की जा रही है, वहीं आचार्य प्रमोद कृष्ण की टिप्पणी ने इस बहस को नया राजनीतिक और सामाजिक रंग दे दिया है. सोशल मीडिया पर उनकी पोस्ट को लेकर समर्थकों और आलोचकों के बीच प्रतिक्रियाओं का दौर जारी है.



