० पीएस और नाजिर से मांगा जवाब, जांच पूरी होने तक बदले गए स्टेशन; बैंक घोटाले की जांच के दौरान सामने आया मामला
चंडीगढ़। बैंक घोटाले के आरोप में निलंबित आईएएस अधिकारी प्रदीप डागर को निलंबन अवधि के दौरान सरकारी गाड़ी और चालक उपलब्ध कराने के मामले में परिवहन विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है। विभाग ने इस मामले में उनके निजी सचिव (पीएस) और नाजिर को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
दोनों अधिकारियों के बदले गए स्टेशन
परिवहन विभाग ने पूरे प्रकरण की विभागीय जांच भी शुरू कर दी है। जांच प्रभावित न हो, इसके लिए दोनों अधिकारियों के तत्काल प्रभाव से स्टेशन बदल दिए गए हैं। निजी सचिव को गवर्नमेंट सेंट्रल वर्कशॉप (GCW) और नाजिर को चंडीगढ़ डिपो में भेजा गया है।
जानकारी के अनुसार, जून में सीबीआई ने बैंक घोटाले की जांच के सिलसिले में गुरुग्राम स्थित प्रदीप डागर के आवास पर छापेमारी की थी। इस दौरान वहां सरकारी वाहन और चालक तैनात मिले। पूछताछ में चालक ने बताया कि उसकी तैनाती निजी सचिव के निर्देश पर की गई थी। जांच में यह आरोप भी सामने आया कि निलंबन अवधि के दौरान सरकारी वाहन में इस्तेमाल होने वाले ईंधन का खर्च नाजिर द्वारा वहन किया जा रहा था।
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी कर रहे हैं जाँच
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी के निर्देश पर मामले की जांच शुरू की गई है। परिवहन विभाग के निदेशक डॉ. वीरेंद्र कुमार दहिया ने बताया कि दोनों अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर तत्काल जवाब देने को कहा गया है। यदि संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है तो दूसरा नोटिस जारी कर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।


