Jharkhand Tribal Unity Rally: प्रस्तावित परिसीमन, राजनीतिक प्रतिनिधित्व और संवैधानिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर पूरे झारखंड में आदिवासी समाज के लोग आज आदिवासी एकता महाजुटान रैली (Adivasi Ekta Mahajutan Rally) का आयोजन कर रहे हैं। झारखंड की राजधानी रांची में आदिवासी एकता महाजुटान रैली को लेकर लेकर रांची पुलिस हाईअलर्ट पर है। रांची पुलिस ने रैली के मद्देनजर सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के लिए हाई अलर्ट जारी किया है। कंट्रोल रूम से रैली पर नजर रखी जाएगी।

रांची एसएसपी राकेश रंजन ने जिले के सभी एसपी, डीएसपी और थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्र में विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया है। सभी थाना प्रभारियों को क्षेत्र में लगातार भ्रमणशील रहने और किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई करने को कहा गया है।

रैली को देखते हुए मोरहाबादी मैदान और इसके आसपास के इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पुलिस लाइन में तैनात जवानों को भी ड्यूटी में लगाया जाएगा। रैली स्थल पर आने-जाने वाले लोगों की गतिविधियों पर पुलिस की विशेष नजर रहेगी। भीड़ को नियंत्रित करने और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी।

सिटी कंट्रोल रूम से रखी जाएगी नजर

रैली की सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी सिटी कंट्रोल रूम से भी की जाएगी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शहर में लगे सीसीटीवी कैमरों और उपलब्ध तकनीकी संसाधनों के माध्यम से रैली में आने वाले लोगों और आसपास के क्षेत्रों की गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी।

यातायात व्यवस्था पर विशेष फोकस

महाजुटान में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए यातायात व्यवस्था को लेकर भी पुलिस ने तैयारी की है। मोरहाबादी और आसपास के प्रमुख मार्गों पर अतिरिक्त यातायात पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। शहर के सभी ट्रैफिक पोस्ट पर तैनात जवानों को अलर्ट रहने का निर्देश दिया गया है। रैली के दौरान वाहनों के दबाव को देखते हुए यातायात पुलिस की ओर से प्रमुख चौक-चौराहों और मार्गों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।

रैली का मुख्य उद्देश्य

यह रैली केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित परिसीमन (Delimitation) प्रक्रिया के विरोध में बुलाई गई है। आदिवासी संगठनों का आरोप है कि परिसीमन के नाम पर झारखंड में अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए आरक्षित लोकसभा और विधानसभा सीटों को घटाने की साजिश रची जा रही है। राज्य में लोकसभा और विधानसभा क्षेत्रों की प्रस्तावित परिसीमन प्रक्रिया पुनः आरंभ होने का इसमें विरोध लिया जाएगा। रैली के बारे में जानकारी देते हुए डेमका सोय ने बताया कि वर्ष 2002 से 2008 के दौरान भी परिसीमन प्रक्रिया के समय झारखंड में अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित विधानसभा सीटों को घटाने का प्रस्ताव आया था, जिसका कड़ा विरोध किया गया था। परिणामस्वरूप संसद में परिसीमन अधिनियम की धारा 10बी के माध्यम से झारखंड की विशेष परिस्थितियों का ध्यान रखते हुए आदिम जातियों और अनुसूचित जनजातियों के राजनीतिक प्रतिनिधित्व को सुरक्षित रखा गया था।

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