हिसार। हरियाणा के हिसार जिले में 21 जून को होने वाली नीट यूजी यानी नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट की परीक्षा को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में है। परीक्षा को पूरी तरह निष्पक्ष और बिना किसी गड़बड़ी के कराने के लिए उपायुक्त महेंद्र पाल ने खुद मोर्चा संभाल लिया है। शनिवार को उन्होंने जिले के सभी 15 परीक्षा केंद्रों का दौरा किया और वहां की तैयारियों का बारीकी से जायजा लिया। उपायुक्त ने साफ कहा है कि परीक्षा के दौरान पारदर्शिता और सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम, जैमर और बायोमैट्रिक जांच पर जोर

डीसी महेंद्र पाल ने पुलिस अधीक्षक सिद्धांत जैन के साथ मिलकर परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। परीक्षा वाले दिन सुबह 11 बजे से ही छात्रों को केंद्रों में एंट्री मिलनी शुरू हो जाएगी। उपायुक्त ने केंद्र अधीक्षकों को कड़े निर्देश दिए हैं कि परीक्षा के दौरान मोबाइल नेटवर्क जाम करने वाले उपकरण यानी जैमर पूरी तरह चालू रहने चाहिए।

इसके साथ ही छात्रों की पहचान के लिए बायोमैट्रिक जांच यानी अंगूठे के निशान और चेहरे के मिलान की प्रक्रिया को सही से पूरा किया जाए। केंद्रों पर लड़के और लड़कियों के प्रवेश के लिए अलग-अलग लाइनें बनाई जाएंगी। डीसी ने खुद परीक्षा केंद्रों में लगे कैमरों की जांच की और साफ किया कि परीक्षा केंद्रों के आसपास किसी भी तरह की फालतू भीड़ जुटने नहीं दी जाएगी। अभ्यर्थियों के साथ आने वाले माता-पिता के बैठने और पानी पीने का इंतजाम भी केंद्र के पास ही किया जाएगा।

परीक्षार्थियों के लिए रोडवेज की स्पेशल बसें

दूर-दराज से आने वाले छात्रों की सुविधा के लिए इस बार रोडवेज विभाग ने खास तैयारी की है। उपायुक्त ने बताया कि सभी 15 परीक्षा केंद्रों के लिए अलग-अलग रूट तय करके विशेष बसें चलाई जाएंगी। ये बसें सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक छात्रों को परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाएंगी। इसके बाद परीक्षा खत्म होने पर शाम सवा 5 बजे से लेकर 7 बजे तक छात्रों को वापस छोड़ने की व्यवस्था भी की गई है।

यह बस सेवा जिले के मुख्य केंद्रों जैसे गुरु जम्भेश्वर यूनिवर्सिटी, गवर्नमेंट कॉलेज फॉर वुमेन, आर्मी पब्लिक स्कूल, कृषि विश्वविद्यालय के कॉलेजों और गंगवा व पटेल नगर के सरकारी स्कूलों तक विद्यार्थियों को बिना किसी परेशानी के पहुंचाएगी।