आगरा में ओवरलोडिंग के चलते आरटीओ द्वारा सीज किया गया ट्रक एकता थाना से चोरी हो गया, जिसे पुलिस ने सिद्धार्थनगर से बरामद किया. ट्रक मालिक और उसके बेटे को पकड़कर पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया, जबकि 22 दिन बाद भी मुकदमा दर्ज नहीं हुआ.

आगरा. पुलिस से जुड़ा एक मामला सामने आया है, जिसमें आरटीओ द्वारा ओवरलोडिंग के चलते सीज किया गया ट्रक एकता थाना से चोरी हो गया. पुलिस ने जांच के बाद सिद्धार्थनगर जिले की पुलिस की मदद से ट्रक बरामद कर लिया.

आरटीओ ने किया सीज

कर अधिकारी वीके आनंद ने 2 अगस्त को एकता थाना क्षेत्र में एक ट्रक रुकवाया था. ट्रक चालक अलवर निवासी कालूराम से पूछताछ के दौरान जरूरी दस्तावेज नहीं मिले और ट्रक ओवरलोड पाया गया.

इसके बाद कर अधिकारी ने ट्रक को सीज कर 69,500 रुपये का जुर्माना लगाया. यात्री कर अधिकारी ने ट्रक की चाबी एकता थाना में जमा करा दी. हालांकि, 5 अगस्त 2026 की देर रात ट्रक थाना परिसर से गायब हो गया.

टोल प्लाजा से मिला सुराग

ट्रक गायब होने के बाद एकता थाना में खलबली मच गई. पुलिस की जांच में सामने आया कि ट्रक लखनऊ एक्सप्रेसवे समेत अन्य टोल प्लाजा से होकर गुजरा था.

एक टोल प्लाजा के फुटेज में ट्रक 5 और 6 अगस्त की दरमियानी रात 12:28 बजे दिखाई दिया. इसके आधार पर पुलिस ने ट्रक की लोकेशन का पता लगाया और सिद्धार्थनगर पुलिस को सूचना दी. इसके बाद एकता थाना से चोरी हुआ सीज ट्रक सिद्धार्थनगर से बरामद कर लिया गया.

मालिक-बेटे को पकड़ा

मामले में ट्रक मालिक और उसके बेटे को भी पकड़कर एकता थाना लाया गया. दोनों से पूछताछ की गई. ट्रक मालिक ने बताया कि उसका बेटा दूसरी चाबी से ट्रक लेकर चला गया था.

इसके बावजूद पुलिस ने दोनों को बिना मुकदमा दर्ज किए थाना से छोड़ दिया. ट्रक बरामद होने के बाद भी 22 दिन तक मुकदमा दर्ज नहीं किया गया.

जुर्माना भरने के बाद रिलीज

ट्रक मालिक ने करीब एक सप्ताह पहले आरटीओ कार्यालय में 69,500 रुपये का जुर्माना जमा किया. इसके बाद उसने एकता थाना से ट्रक रिलीज कराकर ले लिया.

घटना के बाद यह सवाल उठ रहा है कि क्या थाना परिसर में खड़े वाहन भी सुरक्षित नहीं हैं. इस मामले को लेकर आगरा पुलिस महकमे में खलबली मची हुई है.