करनाल कष्ट निवारण समिति की बैठक में पहुंचे कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने मीडिया से बातचीत की। उन्होंने डीजल की कीमतों, प्राकृतिक खेती और मंडियों में होने वाली गड़बड़ियों पर सरकार का पक्ष रखा।

सुमन चौहान,करनाल। कष्ट निवारण समिति की बैठक में पहुंचे कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने मीडिया से बातचीत में विशेष जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि समिति के समक्ष आईं नौ शिकायतों का मौके पर ही निपटारा कर दिया गया है, जबकि पांच गंभीर शिकायतों को अभी पेंडिंग रखा गया है। इन लंबित मामलों पर आगामी जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी। बैठक के दौरान स्थानीय प्रशासन के तमाम वरिष्ठ अधिकारी और आम जनता अपनी समस्याओं को लेकर मौजूद रही।

वही मीडिया के सवाल पर जब उनसे पूछा गया कि पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ रहे हैं और लोगों को परेशानी आ रही है, तो उन्होंने इसका कारण बताया। उन्होंने कहा कि डीजल के जो दाम हैं, जहां से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सप्लाई होती है वहां पर जंग के हालात बने हुए हैं। समस्या पीछे से बनी हुई है और उन्होंने उम्मीद जताई कि जैसे ही समस्या ठीक होगी, अपने आप सब कुछ धीरे-धीरे ठीक हो जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सप्लाई और डिमांड पर ही रेट चलता है। इसके साथ ही उन्होंने भरोसा दिया कि वे किसानों को डीएपी और यूरिया की कमी नहीं आने देंगे।

कृषि मंत्री ने खेती के तरीकों पर बात करते हुए कहा कि वर्तमान में खेती तीन तरह की है- रासायनिक, जैविक और प्राकृतिक खेती। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्राकृतिक खेती काफी सस्ती है और किसानों के लिए काफी लाभदायक है। एक देसी गाय की मदद से हम आसानी से 20 एकड़ की खेती कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि बस इस तकनीक को ठीक से समझने की जरूरत है। उन्होंने प्राकृतिक खेती के अनेक फायदे गिनाए और किस तरह से आप यह खेती कर सकते हैं, इसके बारे में भी मीडिया को विस्तार से जानकारी दी।

उन्होंने वहीं धान घोटाले को लेकर कहा कि हमने इस बार ऐसा सिस्टम मंडी के अंदर शुरू किया है जिससे पहले वाली चीज दोबारा ना हो। इसके लिए मंडियों में नई फेंसिंग सिस्टम को शुरू किया गया है। अब मंडी के अंदर जाकर ही डिजिटल तरीके से गेट पास कटेगा और सारा काम पारदर्शिता के साथ होगा। पहले के समय में जो घर बैठे ही सारा काम हो जाता था, वह अब बिल्कुल नहीं होगा। उन्होंने कहा कि सरकार इस पर गंभीरता से काम कर रही है और जिन्होंने गड़बड़ पहले की है, जांच के बाद उन सब पर कड़ा एक्शन लिया जाएगा।

वहीं गेहूं के कट्टों के ऊपर वजन बढ़ाने के लिए पानी छिड़कने के मामले पर उन्होंने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि यदि कोई ऐसा करता है तो शिकायत या मामला सामने आते ही कार्रवाई सब पर ही करेंगे। इसके साथ ही उन्होंने आम जनता से एक विशेष अपील की कि देश के लिए डीजल को बचाना बहुत जरूरी है और हम सभी इसका कम से कम इस्तेमाल करें। उन्होंने विश्वास जताया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहा यह तेल का झगड़ा ज्यादा दिन तक नहीं चलेगा और जल्दी ही सॉल्व हो जाएगा।