कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने आगामी खरीफ सीजन को लेकर बड़ी समीक्षा बैठक की और अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि प्रदेश में खाद की कोई कमी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सीजन शुरू होने से पहले ही खाद का पर्याप्त स्टॉक और वितरण व्यवस्था पूरी कर ली जाए, ताकि किसानों को लाइनों में न लगना पड़े और किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। बैठक में कृषि विभाग, हैफेड और देश की प्रमुख खाद उत्पादक व विक्रेता कंपनियों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।

बैठक के दौरान कृषि मंत्री ने प्रदेश में उपलब्ध खाद स्टॉक, आगामी मांग और आपूर्ति व्यवस्था की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि पिछले वर्ष की तरह इस बार भी ‘मेरी फसल-मेरा ब्यौरा’ पोर्टल के आधार पर ही खाद का वितरण सुनिश्चित किया जाए। किसानों द्वारा पोर्टल पर दर्ज फसल और रकबे के हिसाब से खाद उपलब्ध कराई जाए, ताकि असली किसानों को बिना किसी बाधा के लाभ मिल सके और वितरण में पारदर्शिता बनी रहे।

श्याम सिंह राणा ने खाद की जमाखोरी और कालाबाज़ारी को लेकर भी सख्त रुख अपनाया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि फील्ड में नियमित निगरानी रखी जाए और खाद विक्रेताओं के स्टॉक की जांच की जाए। कृषि मंत्री ने चेतावनी दी कि यदि कोई दुकानदार या डीलर खाद की कालाबाज़ारी या जमाखोरी में शामिल पाया गया, तो उसके खिलाफ तुरंत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में कृषि मंत्री ने अपने कृषि अनुभव साझा करते हुए किसानों को आधुनिक तकनीक अपनाने की सलाह भी दी। उन्होंने कहा कि फव्वारा सिंचाई पद्धति के जरिए पानी में खाद मिलाकर सीधे पौधों की जड़ों तक पहुंचाने से पानी की बचत होगी और फसल की गुणवत्ता व पैदावार दोनों में सुधार आएगा। वहीं खाद कंपनियों के प्रतिनिधियों ने सरकार को भरोसा दिलाया कि प्रदेश में खाद की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी और जिला स्तर तक समय पर स्टॉक पहुंचाया जाएगा।