हरियाणा के हांसी में पानी की मांग को लेकर दो महीने से चल रहे चनैत गांव के धरने में जेजेपी अध्यक्ष अजय चौटाला ने बीजेपी सरकार को लेकर एक बड़ा विवादित बयान दिया है।

हांसी। पानी की मांग को लेकर पिछले करीब दो महीने से आंदोलन कर रहे चनैत गांव के ग्रामीणों के धरने पर मंगलवार को पहुंचे जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजय सिंह चौटाला ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए एक बार फिर विवादित बयान दे दिया। अपने संबोधन में उन्होंने पड़ोसी देशों नेपाल और श्रीलंका का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां जनता के आंदोलन के बाद सत्ता बदल गई और सत्ता में बैठे लोगों को देश छोड़ना पड़ा। उन्होंने कहा कि “अगर सरकार जनता की बात नहीं सुनेगी तो सत्ता में बैठे लोगों को सड़कों पर दौड़ा-दौड़ा कर पीटना पड़ेगा, तभी ये पीछा छोड़ेंगे।” उनके इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में नया विवाद खड़ा होने की संभावना है।

धरना स्थल पर ग्रामीणों को संबोधित करते हुए अजय चौटाला ने कहा कि वे यहां केवल भाषण देने नहीं आए हैं, क्योंकि रोजाना कई नेता मंच से भाषण देकर चले जाते हैं। उनका उद्देश्य ग्रामीणों के संघर्ष में भागीदारी निभाना है। उन्होंने आरोप लगाया कि हरियाणा में आज भी पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और उनके करीबी अधिकारियों का प्रभाव कायम है, जबकि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी केवल “डमी मुख्यमंत्री” बनकर रह गए हैं और “रबर स्टैंप” की तरह काम कर रहे हैं।

अजय चौटाला ने सरकार को खुली चुनौती देते हुए कहा कि यदि भाजपा सरकार चनैत के लोगों को पानी उपलब्ध नहीं करा सकती तो उसे सत्ता छोड़ देनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि यदि उन्हें मौका मिले तो 24 घंटे के भीतर गांव में पानी पहुंचा देंगे। उन्होंने कहा कि केवल पाइपलाइन में ‘टी’ (T) ही नहीं डलवाएंगे, बल्कि नहर का मुंह भी चनैत गांव की ओर खुलवा देंगे।

अपने भाषण में चौटाला ने कहा कि अब बदलाव का समय आ चुका है और बदलाव केवल जनता ही ला सकती है। उन्होंने कहा कि सत्ता से चिपके लोग इतनी आसानी से कुर्सी नहीं छोड़ते, इसलिए जनता को संगठित होकर अपने अधिकारों की लड़ाई लड़नी होगी।

दो महीने से जारी है आंदोलन

चनैत गांव के ग्रामीण पिछले लगभग दो महीने से पानी की मांग को लेकर धरने पर बैठे हैं। ग्रामीणों की मांग है कि हांसी के लिए बिछाई जा रही पाइपलाइन से ‘टी’ लगाकर चनैत गांव को भी पेयजल उपलब्ध कराया जाए। वहीं सरकार का कहना है कि गांव को राजली हेड से नहर के जरिए पानी दिया जाएगा, लेकिन ग्रामीण इस प्रस्ताव को स्वीकार करने को तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि गांव के पास से गुजर रही पाइपलाइन से ही उन्हें पानी दिया जाए। धरने को आसपास के कई गांवों का भी समर्थन मिल रहा है। बड़ी संख्या में ग्रामीण लगातार धरना स्थल पर पहुंच रहे हैं और आंदोलन में भागीदारी निभा रहे हैं।

सियासत का केंद्र बना चनैत

धरना शुरू होने के बाद से चनैत गांव राजनीतिक गतिविधियों का केंद्र बन गया है। लगभग हर दिन किसी न किसी राजनीतिक दल का नेता धरना स्थल पर पहुंचकर सरकार को घेर रहा है। हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि उनका आंदोलन किसी राजनीतिक दल के लिए नहीं, बल्कि गांव के पेयजल अधिकार के लिए है और जब तक पाइपलाइन से ‘टी’ लगाकर पानी उपलब्ध नहीं कराया जाता, तब तक उनका धरना जारी रहेगा।