Akhilesh Yadav On Delimitation Bill: महिला आरक्षण (Women Reservation) और परिसीमन समेत 3 संशोधन बिल पर लोकसभा में चर्चा जारी है। विपक्ष की सभी पार्टियों ने इन बिलों का विरोध किया है। समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव ने महिला आरक्षण कानून में संशोधन से जुड़े 3 बिलों का विरोध करते हुए कहा कि बीजेपी ‘नारी’ को ‘नारा’ बनाने की कोशिश कर रही है। जिन्होंने नारी को अपने संगठन में नहीं रखा वे उसके मान सम्मान को कैसे रखेंगे।
सपा नेता अखिलेश यादव ने कहा- अध्यक्ष महोदय मैं BJP के सदस्यों को सुन रहा था। समाजवादी पार्टी महिला आरक्षण के पक्ष हैं। हमारा इतिहास रहा है कि हमने महिलाओं को आगे बढ़ाने का काम किया है। डॉ. लोहिया हमेशा जेंडर जस्टिस और सोशल जस्टिस के पक्ष में रहे। हम भी उसी राह पर हैं। ये लड़ाई हमारी लगातार चल रही है।
अखिलेश यादव ने आगे कहा कि अब भारतीय जनता पार्टी नारी को नारा बनाने की कोशिश कर रही है। बीजेपी इसे बदलने की कोशिश कर रही है। जिन्होंने नारी को अपने संगठन में नहीं रखा वे उसके मान सम्मान को कैसे रखेंगे। पिछले कई साल से ये लोग सरकार में हैं। मैं सुन रहा था मंत्री जी ने कई योजनओं की जानकारी दी। लेकिन हम दुनिया के आंकड़े देखें तो हम जेंडर इक्वालिटी में कहां खड़े हैं। इनकी खुद की सरकार को देखें तो इनकी 21 जगह सरकार है। भाजपा ये बताए कि 21 स्टेट में उनकी सरकारें हैं कितनी मुख्यमंत्री महिलाएं हैं। जो दिल्ली की हैं भी वे हाफ सीएम हैं। अधिकार कहां हैं उनके? क्या उनके पास हैं? अभी तक जो सबसे बड़ी पार्टी है कहते हैं खुद को। पूरे देश में इनके विधायक चुने हैं। आप 10 प्रतिशत से ऊपर नहीं जा पा रहे हैं। फिर लोकसभा की गिनती में कितनी संख्या में आप हैं?
मैं याद दिलाना चाहता हूं कि यूपी में पंचायत में महिलाओं के लिए सबसे ज्यादा आरक्षण लागू करने का काम समाजवादी पार्टी ने किया है। हमारा सवाल है कि भाजपा को इतनी जल्दी क्यों है। सच ये है कि वे जनगणना को टालना चाहती है। जनगणना जातीय जनगणना की वजह से टालना चाहती है। क्योंकि वे आरक्षण देना नहीं चाहते हैं।
बीजेपी जनगणना नहीं चाहती- अखिलेश यदव
अखिलेश यादव ने कहा कि, उत्तर प्रदेश में पंचायत में महिलाओं के लिए सबसे ज्यादा आरक्षण लागू करने का काम सपा ने किया है। हमारा सवाल है कि भाजपा को इतनी जल्दी क्यों है. सच ये है कि वे जनगणना को टालना चाहती है। जनगणना जातीय जनगणना की वजह से टालना चाहती है, क्योंकि वे आरक्षण देना नहीं चाहते हैं।
हम महिला आरक्षण के साथ लेकिन भाजपाई साजिश के खिलाफ
भाजपा जानती नहीं है कि उनसे सबसे ज्यादा दुखी महिलाएं ही हैं। जब हम महिला आरक्षण पर बहस कर रहे हैं तो हमारे बिलकुल बगल में 40 हजार लोग सड़कों पर हैं। वहां महिलाएं धरने पर बैठी हैं। वे इसलिए हैं कि उन्हें न्याय नहीं मिला रहा है। हम महिला आरक्षण के साथ हैं लेकिन भाजपाई साजिश के खिलाफ हैं। देश की सबसे बड़ी आबादी को लेकर ये चुप्पी साधे हैं।जब हम पीएम को सुनते थे तो वे कहते थे कि वे पिछड़े वर्ग से आते हैं। लेकिन संशोधन के नाम पर जो जल्दबाजी दिखा रहे हैं वो जनगणना में जातीय जनगणना न करवाने के लिए है।
परिसीमन बीजेपी का सबसे बड़ा षडयंत्र है
अखिलेश यादव ने कहा, परिसीमन बीजेपी का सबसे बड़ा षडयंत्र हैय़ सपा सांसद ने कहा, पहले जनगणना कराई जाए, उसके बाद परिसीमन शुरू को कराया जाएय़ उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी जातीय जनगणना से बचना चाहती है। अखिलेश ने कहा, ‘भाजपा अपने एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए महिलाओं के नारे का इस्तेमाल करना चाहती है, जो पार्टी अपने संगठन में ही महिलाओं को पर्याप्त स्थान नहीं देती, वह उनकी गरिमा और सम्मान कैसे सुनिश्चित करेगी? जिस संगठन से यह पार्टी आती है, उसे पहले यह बताना चाहिए कि उसके यहां कितने महिला अधिकारी उच्च पदों पर हैं।
आप महिला आरक्षण को परिसीमन के साथ न जोड़ें- गौरव गोगोई
कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने परिसीमन बिल पर कहा- कानून मंत्री कि बात से ऐसा लग रहा था कि, पहली बार सदन में महिला आरक्षण पर चर्चा हो रही है। अपने भाषण में उन्होंने ऐसा ढांचा बनाने की कोशिश की। आज से ही 3 साल पहले गृह मंत्री ने ऐसी ही बातें की थीं। अगर दोनों की बातें सुनेंगे तो 90 प्रतिशत वही बातें हैं, जो आज कानून मंत्री ने कहीं। उस समय भी ऐसी ही बातें थींष तब भी हमने यही कहा था कि हमारी पार्टी महिला आरक्षण के पक्ष में हैं, लेकिन इसे सरल कीजिए, ताकि जब पारित हो तभी लागू हो जाए। इसे परिसीमन के साथ न जोड़ें।
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