समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उपचुनाव के नतीजों के बाद भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने भाजपा के अहंकार, चुनाव नतीजों और अंदरूनी खींचतान पर तंज कसते हुए इसे 'डबल इंजन की डबल हार' करार दिया।
सतीश सिंह, लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने उपचुनाव के नतीजों के बाद भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि “भगवान को नचाने का अहंकार रखने वालों को भगवान ने ही नचा दिया। अपने को भगवान से ऊपर समझने वालों को भगवान ने चलती गाड़ी से नीचे उतार दिया और उनके घमंड का बुखार भी उतार दिया।”
युवाओं और अभिभावकों का आक्रोश
अखिलेश यादव ने सोमवार को जारी बयान में कहा कि यह परिणाम युवाओं की एकजुटता और उनके अभिभावकों के आक्रोश का संयुक्त नतीजा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में “वोट चोरी, पेपर चोरी, चढ़ावा-चंदा-दान चोरी, नौकरी चोरी, आरक्षण चोरी, कमीशनखोरी, पीडीए पर अत्याचार, भ्रष्टाचार, महंगाई और मिलावट” जैसे मुद्दों ने जनता का विश्वास तोड़ा है।
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भाजपा नेतृत्व और संगठन पर तंज
सपा प्रमुख ने भाजपा के संगठन और नेतृत्व पर भी निशाना साधते हुए कहा कि अब भाजपा के भीतर भी इस्तीफे की मांग उठेगी। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि “जो अपनी ही विधानसभा नहीं जिता पाए, उनके भरोसे पार्टी की नैया कैसे पार होगी?” उनके मुताबिक यह हार केवल उम्मीदवारों की नहीं, बल्कि उन्हें चुनने वाले नेतृत्व की भी है।
‘5 बड़ा या 7?’ का उठाया सवाल
अखिलेश यादव ने बिना नाम लिए भाजपा के एक प्रदेश नेता पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि “सबसे ज्यादा खुश तो उत्तर प्रदेश में वही हैं, जिन्हें पीडीए समाज से होने के बावजूद राष्ट्रीय स्तर का पद नहीं दिया गया।”
उन्होंने तंज करते हुए कहा कि जनता अब पूछ रही है, “5 बड़ा या 7?” और यह भी कि जब राष्ट्रीय अध्यक्ष अपनी विधानसभा नहीं जिता पाए तो प्रदेश अध्यक्ष विधानसभा चुनाव कैसे जिताएंगे।
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‘डबल इंजन की डबल हार’
सपा अध्यक्ष ने इसे “डबल इंजन की डबल हार” बताते हुए दावा किया कि भाजपा की सबसे सुरक्षित और परंपरागत सीटें भी अब उसके लिए सुरक्षित नहीं रह गई हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भाजपा के लिए सबसे बड़ा संकट चुनाव हारना नहीं, बल्कि चुनाव लड़ने के लिए उम्मीदवार ढूंढ़ना होगा।
अपने बयान के अंत में अखिलेश यादव ने सभी विजयी उम्मीदवारों को बधाई दी और उनसे जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने, संविधान के प्रति प्रतिबद्ध रहने तथा जनहित में काम करने की अपेक्षा जताई।


