० CM नायब सैनी की मौजूदगी वाले GJU कार्यक्रम में पोस्टर से फोटो हटने पर नाराजगी, नलवा विधायक रणधीर पनिहार भी सम्मान समारोह में दिखे खफा
हिसार। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के हिसार दौरे के दौरान गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJU) में आयोजित कार्यक्रम राजनीतिक चर्चाओं का केंद्र बन गया। सरकार की उपलब्धियों और कार्यक्रम से अधिक भाजपा नेताओं की नाराजगी सुर्खियों में रही। कार्यक्रम से पहले मंच पर लगे पोस्टर से वरिष्ठ भाजपा नेता कुलदीप बिश्नोई की तस्वीर हटाए जाने के बाद ऐसा घटनाक्रम हुआ कि वह ऑडिटोरियम में प्रवेश किए बिना ही वापस लौट गए। वहीं, सम्मान समारोह में नलवा विधायक रणधीर सिंह पनिहार की नाराजगी ने भी चर्चाओं को और हवा दे दी।
जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री नायब सैनी के कार्यक्रम के लिए पहले लगाए गए पोस्टर में कुलदीप बिश्नोई की तस्वीर शामिल थी। बाद में पोस्टर बदला गया और नए पोस्टर से उनकी तस्वीर हटा दी गई। जैसे ही कुलदीप बिश्नोई को इसकी जानकारी मिली, उन्होंने नाराजगी जताई और कार्यक्रम में शामिल हुए बिना ही वापस लौट गए। इस घटनाक्रम ने मौके पर मौजूद नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच चर्चाओं का दौर शुरू कर दिया।
मामला यहीं नहीं रुका। कार्यक्रम के दौरान आयोजित सम्मान समारोह में नलवा से भाजपा विधायक रणधीर सिंह पनिहार का नाम मंच से सम्मान के लिए नहीं पुकारा गया। बाद में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई स्वयं उनके पास पटका लेकर पहुंचे, लेकिन विधायक ने उसे अपने पास रख लिया। इसे भी उनकी नाराजगी के संकेत के तौर पर देखा गया।
इन दोनों घटनाओं ने एक ही मंच पर भाजपा के भीतर समन्वय को लेकर सवाल खड़े कर दिए। राजनीतिक गलियारों में चर्चा रही कि मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में लगातार दो नेताओं की नाराजगी ने पार्टी के अंदरूनी समीकरणों को लेकर नई अटकलों को जन्म दे दिया है।
हालांकि, जब इस पूरे घटनाक्रम को लेकर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई से सवाल किया गया तो उन्होंने पोस्टर विवाद की जानकारी होने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि उन्हें इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है। उनका यह भी कहना था कि कुलदीप बिश्नोई उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल हुए थे।
फिलहाल, कुलदीप बिश्नोई की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। वहीं, विपक्ष को भी इस घटनाक्रम के बहाने भाजपा के अंदरूनी हालात पर सवाल उठाने का मौका मिल सकता है। ऐसे में हिसार का यह पोस्टर विवाद अब महज एक कार्यक्रम की व्यवस्था का मामला नहीं, बल्कि हरियाणा भाजपा की सियासत में नई चर्चाओं का विषय बन गया है।

