​Automobile Desk: भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार अब पूरी तरह से ग्लोबल हो चुका है, जहां दुनिया भर में पसंद की जाने वाली गाड़ियां देश की सड़कों पर दौड़ रही हैं। किआ सेल्टॉस (Kia Seltos) भी एक ऐसी ही लोकप्रिय मिड-साइज़ SUV है, जो भारत के साथ-साथ चीन के बाजार में भी बेची जाती है। हालांकि, पहली नज़र में दोनों देशों की सेल्टॉस एक जैसी दिखाई देती हैं, लेकिन अगर इनके फीचर्स, इंजन और केबिन सेटअप पर गौर करें तो दोनों में काफी बड़ा फर्क नजर आता है।

​आकार और डायमेंशन के मामले में भारत और चीन दोनों ही बाजारों में मिलने वाली सेल्टॉस लगभग एक समान हैं। चीन में बिकने वाली सेल्टॉस की लंबाई 4,460 मिमी, चौड़ाई 1,830 मिमी, ऊंचाई 1,640 मिमी और व्हीलबेस 2,690 मिमी है। भारतीय मॉडल का साइज भी बिल्कुल इतना ही रखा गया है। हालांकि, बूट स्पेस के मामले में दोनों में अंतर देखने को मिलता है। चीनी मॉडल में 483 लीटर का बूट स्पेस मिलता है, जबकि भारत में मिलने वाली सेल्टॉस में 447 लीटर का ही बूट स्पेस दिया गया है। बूट स्पेस में इस अंतर की मुख्य वजह भारत में दिया जाने वाला स्पेयर व्हील माना जा सकता है।

​केबिन और फीचर्स की बात करें तो चीन में उपलब्ध मॉडल में ज्यादा प्रीमियम सेटअप देखने को मिलता है। वहां इस SUV में 27-इंच की अल्ट्रा-वाइड स्क्रीन दी गई है, जिसमें इंफोटेनमेंट के साथ पैसेंजर एंटरटेनमेंट का विकल्प भी शामिल है। इसके अलावा, ड्राइवर के लिए 10-इंच का डिजिटल क्लस्टर अलग से दिया गया है। वहीं, भारत में बिकने वाली सेल्टॉस में ट्रिनिटी स्क्रीन सेटअप मिलता है, जिसमें ड्राइवर डिस्प्ले और इंफोटेनमेंट स्क्रीन के साथ क्लाइमेट कंट्रोल के लिए 5-इंच की अलग स्क्रीन दी गई है। भारतीय मॉडल में चीन की तरह फ्रंट पैसेंजर स्क्रीन मौजूद नहीं है। इसके अतिरिक्त, चीन वाले मॉडल में 100W Type-C चार्जिंग पोर्ट, हीटेड फ्रंट सीट्स और हीटेड स्टीयरिंग व्हील जैसे एक्स्ट्रा फीचर्स दिए गए हैं, जो भारतीय वेरिएंट में नहीं मिलते। हालांकि, दोनों ही देशों के मॉडल्स में पैनोरमिक सनरूफ, वेंटिलेटेड सीट्स, वायरलेस चार्जिंग, 8-स्पीकर वाला बोस (Bose) साउंड सिस्टम और लेवल-2 ADAS जैसे सेफ्टी फीचर्स समान रूप से मिलते हैं।

​इंजन और परफॉर्मेंस के मामले में भी दोनों मॉडल्स में बड़ा बदलाव है। चीनी बाजार में 1.5-लीटर नैचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल और 1.5-लीटर टर्बो-पेट्रोल इंजन के विकल्प उपलब्ध हैं। भारत में भी ये दोनों पेट्रोल इंजन मिलते हैं, लेकिन यहां ग्राहकों के लिए 1.5-लीटर डीजल इंजन का एक अतिरिक्त विकल्प भी दिया जाता है।

​पावर आउटपुट पर नज़र डालें तो दोनों देशों के टर्बो-पेट्रोल इंजन में बड़ा अंतर है। चीन में 1.5-लीटर टर्बो-पेट्रोल इंजन 198 bhp की पावर और 253 Nm का टॉर्क जनरेट करता है। इसके विपरीत, भारत में मिलने वाला टर्बो इंजन 158 bhp की पावर और 253 Nm का टॉर्क देता है। यानी चीन का टर्बो मॉडल भारत के मुकाबले लगभग 40 bhp ज्यादा पावरफुल है। वहीं, 1.5-लीटर नैचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल इंजन दोनों देशों में समान रूप से 113 bhp की पावर और 144 Nm का टॉर्क पैदा करता है। भविष्य के लिहाज से किआ भारत में सेल्टॉस का हाइब्रिड मॉडल पेश करने की योजना भी बना रही है, जिसके 2027 के मध्य या अंत तक बाजार में आने की संभावना जताई जा रही है।