दिल्ली के कथित शराब घोटाले मामले में बुधवार को अदालत में सुनवाई हुई, जिसमें अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal), मनीष सिसोदिया (Manish Sisodia) और दुर्गेश पाठक (Durgesh Pathak) की ओर से जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा की अदालत के बहिष्कार के बीच कार्यवाही आगे बढ़ी। सुनवाई के दौरान जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा (Swarnkanta Sharma) ने कहा कि ट्रायल कोर्ट से संबंधित रिकॉर्ड उपलब्ध न होने और कुछ प्रतिवादियों की ओर से जवाब दाखिल नहीं किए जाने के कारण मामले की विस्तृत सुनवाई संभव नहीं हो सकी। इसी वजह से अदालत ने सुनवाई को सोमवार तक के लिए स्थगित कर दिया। अदालत ने सभी संबंधित पक्षों को जवाब दाखिल करने का एक और अवसर देते हुए निर्देश दिया कि अगली सुनवाई सोमवार को दोपहर 2:30 बजे होगी।
दिल्ली के कथित शराब घोटाले मामले की सुनवाई के दौरान बुधवार को सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता, एएसजी एसवी राजू और एएसजी डीपी सिंह अदालत में मौजूद रहे। जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की बेंच ने सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया कि उन्हें ट्रायल कोर्ट का पूरा रिकॉर्ड अब तक प्राप्त नहीं हुआ है। इस पर अदालत ने निर्देश दिया कि विशेष संदेशवाहक के माध्यम से ट्रायल कोर्ट का संपूर्ण रिकॉर्ड शीघ्र पेश किया जाए। अदालत ने यह भी कहा कि रिकॉर्ड उपलब्ध न होने की वजह से गुरुवार को निर्धारित सुनवाई को रद्द करना पड़ा। साथ ही, बेंच ने यह भी उल्लेख किया कि कुछ प्रतिवादियों ने अब तक अपना जवाब दाखिल नहीं किया है, जिसके चलते कार्यवाही आगे नहीं बढ़ सकी।
जवाब दाखिल करने का मौका
जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की बेंच ने सुनवाई के दौरान कहा कि जिन प्रतिवादियों ने शनिवार तक अपना जवाब दाखिल नहीं किया है, उन्हें एक और अवसर दिया जाएगा। अदालत ने निर्देश दिया कि यह प्रक्रिया शनिवार तक पूरी कर ली जाए और सोमवार को अगली सुनवाई होगी। बेंच ने यह भी कहा, “हम ट्रायल कोर्ट का पूरा रिकॉर्ड मंगाएंगे और सोमवार को सुनवाई की शुरुआत होगी।” अदालत ने दोहराया कि रिकॉर्ड उपलब्ध न होने के कारण कार्यवाही में देरी हो रही है। इसी दौरान एक प्रतिवादी की ओर से पेश अधिवक्ता फर्रुख खान ने अदालत को बताया कि उन्होंने स्थगन आदेश को रद्द करने के लिए आवेदन दायर किया है। इस पर सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि वे इस पर जवाब दाखिल करेंगे।
ED केस में नया नोटिस
दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को नया नोटिस जारी किया है। यह नोटिस ED की उन याचिकाओं पर जारी किया गया है, जिनमें आबकारी नीति मामले से जुड़े दो अलग-अलग मामलों में निचली अदालत द्वारा उन्हें बरी किए जाने के फैसले को चुनौती दी गई है। ईडी ने अपनी याचिकाओं में कहा है कि समन जारी होने के बावजूद अरविंद केजरीवाल जांच एजेंसी के सामने पेश नहीं हुए थे, और इसी आधार पर ट्रायल कोर्ट के बरी करने के आदेश को गलत बताया गया है।
केजरीवाल-सिसोदिया समेत 3 कर चुके बहिष्कार का ऐलान
सूत्रों के अनुसार, आम आदमी पार्टी के अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और दुर्गेश पाठक ने जस्टिस शर्मा की अदालत के बहिष्कार का ऐलान किया है। इन नेताओं की ओर से यह आरोप लगाया गया है कि मामले में निष्पक्षता को लेकर आशंका है, हालांकि यह आरोप पक्षों के दावे के तौर पर सामने आए हैं। बताया जा रहा है कि रिक्यूजल (मामले से अलग होने) की याचिका खारिज होने के बाद यह रुख अपनाया गया है। इसके बाद यह भी दावा किया गया कि संबंधित पक्षों की ओर से अदालत में वकील पेश नहीं होंगे, जिसे उन्होंने विरोध या “सत्याग्रह” जैसा कदम बताया है।
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