हरियाणा के ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने अम्बाला में बन रहे 1857 के शहीद स्मारक में 210 फुट ऊंचे विशाल तिरंगे के स्थान का मुआयना किया। यह तिरंगा अम्बाला का सबसे ऊंचा ध्वज होगा।

अनिल शर्मा, अंबाला। जिला छावनी में निर्माणाधीन 1857 का शहीद स्मारक जल्द ही देश की आन-बान और शान ‘तिरंगे’ से सुसज्जित होगा। हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने सोमवार, 13 मई को स्मारक का मुआयना करते हुए घोषणा की कि यहां 210 फुट की ऊंचाई पर विशाल तिरंगा फहराया जाएगा। यह तिरंगा स्मारक परिसर में बने 206 फुट ऊंचे मेमोरियल टॉवर से भी ऊंचा होगा, जो दूर से ही लोगों को राष्ट्रभक्ति का संदेश देगा। विज ने अधिकारियों के साथ तिरंगा लगाने के स्थान की चर्चा की और तकनीकी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए कार्य को जल्द पूरा करने के कड़े निर्देश दिए।

तकनीकी टीम जल्द शुरू करेगी ध्वज स्थापना का कार्य

शहीद स्मारक के निदेशक डॉ. कुलदीप सैनी ने इस मौके पर बताया कि यह विशाल तिरंगा ‘फ्लैग फाउंडेशन ऑफ इंडिया’ द्वारा स्थापित किया जाएगा। इसके लिए जल्द ही एक विशेषज्ञ तकनीकी टीम स्मारक का दौरा करेगी। मंत्री अनिल विज ने स्पष्ट किया कि किसी भी स्मारक में राष्ट्रध्वज सर्वोच्च स्थान पर होना चाहिए, जो सम्मान और संप्रभुता का प्रतीक है। लगभग 700 करोड़ रुपये की लागत से 22 एकड़ में निर्मित यह स्मारक उन ‘अनसंग हीरोज’ (अनाम वीरों) को समर्पित है जिन्होंने 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में अपना बलिदान दिया था। अंबाला में फहराया जाने वाला यह तिरंगा जिले का सबसे ऊंचा ध्वज होगा।

पर्यटन और गौरव का प्रतीक बनेगा भव्य स्मारक

अंबाला छावनी का यह शहीद स्मारक न केवल हरियाणा बल्कि पूरे देश के लिए ऐतिहासिक और पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनेगा। मंत्री अनिल विज के प्रयासों से जीटी रोड पर स्थित इस स्मारक का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है और जल्द ही इसका उद्घाटन किया जाएगा। विज ने कहा कि यह स्मारक कुरुक्षेत्र की तरह ही दुनिया भर के पर्यटकों को आकर्षित करेगा। उल्लेखनीय है कि छावनी में शहीदों के सम्मान में पहले ही नेताजी सुभाष चंद्र बोस, शहीद-ए-आजम भगत सिंह और महाराणा प्रताप की मूर्तियां स्थापित की जा चुकी हैं, जबकि सुखदेव, राजगुरु और बाबा साहेब अम्बेडकर की मूर्तियां भी जल्द लगाई जाएंगी।

जानें क्या है ऐतिहासिक महत्व

अंबाला छावनी का इतिहास 1857 की क्रांति से गहरा जुड़ा है, जहां से स्वतंत्रता संग्राम की ज्वाला प्रज्वलित हुई थी। इसी गौरव को संजोने के लिए यहां अत्याधुनिक शहीद स्मारक बनाया गया है। इसमें आधुनिक तकनीक के माध्यम से आजादी की लड़ाई के इतिहास को प्रदर्शित किया जाएगा। 210 फुट ऊंचा तिरंगा इस ऐतिहासिक गंतव्य को और भी भव्य स्वरूप प्रदान करेगा। स्मारक का निर्माण कार्य अब अंतिम चरण में है और प्रशासन इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर के ऐतिहासिक स्थल के रूप में विकसित कर रहा है।