Bankipur by-election: बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए कल मंगलवार की देर शाम चुनाव प्रचार का शोर थम गया। इसके साथ ही क्षेत्र में 48 घंटे का ‘साइलेंस पीरियड’ लागू हो गया है। उपचुनाव के लिए कल 30 जुलाई को मतदान होना है, जिसे लेक प्रशासन ने पूरे निर्वाचन क्षेत्र में सुरक्षा से लेकर निगरानी तक के व्यापक इंतजाम किए हैं। चुनाव आयोग का कहना है कि इस अवधि में किसी भी तरह की सभा, रैली, रोड शो या सार्वजनिक प्रचार की अनुमति नहीं होगी।
422 मतदान केंद्रों पर वेबकास्टिंग और लाइव स्ट्रीमिंग
जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह डीएम कुंदन कुमार ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए बताया कि, बांकीपुर के सभी 422 मतदान केंद्रों पर वेबकास्टिंग और लाइव स्ट्रीमिंग की व्यवस्था की गई है। मतदान प्रक्रिया पर कंट्रोल रूम से लगातार नजर रखी जा रही है। इस दौरान उनके साथ एसएसपी कार्तिकेय के. शर्मा और ट्रैफिक एसपी सागर कुमार भी मौजूद रहे।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मतदान से 48 घंटे पहले सभी बाहरी स्टार प्रचारकों, राजनीतिक कार्यकर्ताओं और प्रचार अभियान से जुड़े लोगों को बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र छोड़ना होगा। केवल वही प्रचारक क्षेत्र में रह सकेंगे, जो खुद बांकीपुर के मतदाता हैं। प्रतिबंध अवधि में बाहरी प्रचारक मिलने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उम्मीदवार सिर्फ 3 वाहन इस्तेमाल कर सकेंगे
चुनाव आयोग के निर्देश के अनुसार अब प्रत्येक उम्मीदवार को अधिकतम तीन वाहनों के उपयोग की अनुमति होगी। हर वाहन में चालक सहित पांच लोग ही बैठ सकेंगे। इसके अलावा सोशल मीडिया, डिजिटल प्लेटफॉर्म या अन्य माध्यमों पर राजनीतिक विज्ञापन प्रसारित करने से पहले एमसीएमसी की अनुमति लेना अनिवार्य होगा।
बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाताओं के लिए अलग व्यवस्था
बांकीपुर में 85 वर्ष से अधिक उम्र के 3,166 मतदाता और 1,024 दिव्यांग मतदाता पंजीकृत हैं। इनके लिए विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। क्षेत्र में 29 चलंत मतदान केंद्र, 30 आदर्श मतदान केंद्र, एक महिला मतदान केंद्र, एक युवा मतदान केंद्र और एक दिव्यांग अनुकूल मतदान केंद्र बनाया गया है। बूथों पर पेयजल, शौचालय, रैंप और अन्य मूलभूत सुविधाओं के लिए नगर निगम के 1,266 कर्मचारियों की तैनाती की गई है।
अर्द्धसैनिक बल की 14 कंपनियां तैनात
शांतिपूर्ण मतदान के लिए सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष तैयारी की गई है। प्रशासन ने केंद्रीय अर्द्धसैनिक बलों की 14 कंपनियां तैनात की हैं। इसके अलावा 9 फ्लाइंग स्क्वॉड, 18 स्टैटिक सर्विलांस टीम, 6 वीडियो सर्विलांस टीम, 3 वीडियो व्यूइंग टीम और 42 सेक्टर पदाधिकारी लगातार निगरानी करेंगे। अब तक आचार संहिता उल्लंघन के पांच मामले दर्ज किए जा चुके हैं।
हाई अलर्ट पर गांधी मैदान समेत 7 थाना
गांधी मैदान, पीरबहोर, कदमकुआं, कोतवाली, सचिवालय, बुद्धा कॉलोनी और श्रीकृष्णापुरी थाना क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। यहां 5,000 से अधिक पुलिसकर्मी और करीब 1,400 अर्द्धसैनिक बल के जवान तैनात किए गए हैं। बोरिंग रोड, बोरिंग कैनाल रोड, राजापुर, गोलघर और अन्य संवेदनशील इलाकों में लगातार फ्लैग मार्च किया जा रहा है।
हेल्पलाइन 1950 पर मिलेंगी चुनाव संबंधी जानकारियां
मतदाताओं की सुविधा के लिए जिला स्तर पर नियंत्रण कक्ष बनाया गया है। किसी भी तरह की जानकारी के लिए टोल फ्री हेल्पलाइन 1950 पर संपर्क किया जा सकता है। जिन मतदाताओं के पास वोटर आईडी कार्ड नहीं है, वे निर्वाचन आयोग द्वारा मान्य 12 वैकल्पिक पहचान पत्रों में से किसी एक के आधार पर मतदान कर सकेंगे।
बांकीपुर उपचुनाव में इस बार 25 उम्मीदवार मैदान में हैं। प्रशासन की कोशिश शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान कराने की है, जबकि राजनीतिक दलों का पूरा जोर मतदान प्रतिशत बढ़ाने पर रहेगा।
किसके सिर सजेगा जीत का सेहरा?
बांकीपुर की लड़ाई फिलहाल तीन दलों के बीच होती दिख रही है। भाजपा का कहना है कि वह इस चुनाव में जीत हासिल कर रही है, उसकी कोशिश अब तक के मिले जीत मार्जन को बढ़ाने पर है। वहीं, जन सुराज से चुनाव लड़ रहे प्रशांत किशोर का कहना है कि बांकीपुर की जनता बदलाव चाहती है और बदलाव की राजनीति को लेकर ही इस बार लोग वोट करेंगे। इसके साथ ही वह उपचुनाव में अपनी जीत का दावा कर रहे हैं। जबकि राजद इस बार बांकीपुर में लालटेन जलने का दावा कर रही है। फिलहाल बांकीपुर की जनता इस चुनाव में किसके सिर जीत का ताज सजाती है इसका फैसला तो 3 अगस्त को चुनाव का परिणाम आने के साथ ही पता चलेगा।
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