कर्ण मिश्रा, ग्वालियर। लोगों की जान बचाने वाली 108 एम्बुलेंस सेवा खुद बदहाली का शिकार हो गई है। मेंटीनेंस की कमी, खराब एम्बुलेंस, वेतन में देरी और कर्मचारियों की लगातार लंबी ड्यूटी ने व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। परेशान चालक और EMT कर्मचारी कलेक्ट्रेट पहुंचे और जिलाधीश के सामने अपनी व्यथा सुनाई।

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7-8 एम्बुलेंस मेंटिनेंस के अभाव में बंद

मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने वाली 108 एम्बुलेंस सेवा इन दिनों गंभीर संकट से गुजर रही है। कर्मचारियों के मुताबिक जिले में संचालित सात से आठ एम्बुलेंस मेंटीनेंस के अभाव में बंद पड़ी हैं। कई के AC खराब हैं, जिससे भीषण गर्मी में मरीजों और कर्मचारियों दोनों को परेशानी उठानी पड़ जाती है।

डीजल की कमी से एंबुलेंस रास्ते में हो जाती है बंद

कर्मचारियों ने बताया कि गाड़ियों का मेंटीनेंस नहीं हो रहा है, कई एम्बुलेंस की लाइट खराब है और कुछ वाहन डीजल की कमी के कारण रास्ते में ही बंद हो जाती है। 108 सेवा का संचालन करने वाली JASS कंपनी व्यवस्थाओँ पर ध्यान नहीं दे रही है।

12-12 घंटे ड्यूटी फिर भी नहीं मिल रहा वेतन

कर्मचारियों ने आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें भी 12-12 घंटे ड्यूटी करनी पड़ रही है। समय पर वेतन भी नहीं दिया जा रहा है। कर्मचारियों के मुताबिक अगर जल्द ही व्यवस्ता में सुधार नहीं हुआ तो उन्हें काम बंद करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।

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कर्मचारियों की शिकायत के बाद देखने वाली बात यह होगी कि लोगों की जान बचाने वाली 108 सेवा की हालत कब तक सुधरती है। फिलहाल कर्मचारियों की नाराजगी और एम्बुलेंस की बदहाली ने स्वास्थअय सेवाओं की जमीनी हकीकत उजागर कर दी है। अगर जल्द सुधार नहीं हुआ तो इसका सीधा असर मरीजों की जान पर पड़ सकता है।

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