सतीश सिंह, लखनऊ. समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा और उसके संगी-साथी एक तरफ युवाओं के आंदोलनों को बदनाम करने के लिए अपने लोगों को प्रदर्शनकारियों के बीच भेज रहे हैं, वहीं दूसरी ओर जब उन्हें ‘भाजपाई’ कहा जाता है तो वे चिढ़ जाते हैं. अखिलेश यादव ने कहा कि आज जिन लोगों ने अपने घरों, दुकानों, प्रतिष्ठानों और गाड़ियों से भाजपा के झंडे उतार दिए हैं, कल भाजपा उनके दिलों-दिमाग से भी उतर जाएगी. उन्होंने दावा किया कि भाजपा समर्थक भी अब पार्टी के कई फैसलों और घटनाओं से शर्मिंदा महसूस कर रहे हैं.
सपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि अयोध्या में चढ़ावा, चंदा और दान से जुड़े विवाद, दिल्ली में बच्चियों के साथ कथित दुर्व्यवहार, युवाओं के आंदोलनों पर कार्रवाई, मुंबई में आंदोलनकारियों को ड्रग्स के झूठे मामलों में फंसाने की धमकी और लखनऊ अग्निकांड के मृतक बच्चे की मां के साथ मुख्यमंत्री के कथित दुर्व्यवहार जैसी घटनाओं ने भाजपा की छवि को नुकसान पहुंचाया है. उन्होंने कहा कि भाजपा के पेड और अनपेड समर्थक भी अब जनाक्रोश को देखकर सार्वजनिक रूप से पार्टी का समर्थन करने से बच रहे हैं. यहां तक कि उनके व्हाट्सएप ग्रुप भी ठंडे पड़ गए हैं और वे सामाजिक कार्यक्रमों से दूरी बना रहे हैं.
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अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा के कट्टर समर्थकों के सामने सबसे बड़ा संकट यह है कि उन्होंने पिछले 10-12 वर्षों में हर मुद्दे पर पार्टी का बचाव किया, लेकिन अब उन्हें महसूस हो रहा है कि वे गलत थे. ऐसे में उनके लिए लोगों के बीच जाकर पार्टी का बचाव करना मुश्किल हो गया है. उन्होंने भाजपा पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने, सरकारी एजेंसियों के दुरुपयोग, महंगाई बढ़ाने, शिक्षा और भर्ती प्रक्रियाओं में धांधली, रोजगार के अवसर कम करने, पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) वर्ग के अधिकारों का हनन करने और संविधान को कमजोर करने की कोशिश जैसे गंभीर आरोप लगाए.
अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा का असली चेहरा अब उसके समर्थकों के सामने भी आ चुका है. उनके मुताबिक, भाजपा समर्थकों के लिए जिस दौर को ‘अमृतकाल’ कहा जा रहा था, वह अब ‘विषकाल’ में बदलता दिखाई दे रहा है.


