रोहतक। रोहतक स्थित PGIMS Rohtak में रविवार को एक बेहद भावुक और प्रेरणादायक अंगदान का मामला सामने आया। झज्जर के सोंधी निवासी 14 वर्षीय अंशु, जो सड़क हादसे के बाद ब्रेन डेड घोषित किए गए थे, के परिजनों ने अंगदान कर छह लोगों को नया जीवन देने का फैसला किया।
सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल अंशु को डॉक्टरों ने ब्रेन डेड घोषित कर दिया था। इस कठिन समय में परिवार ने पी.जी.आई.एम.एस. की अंगदान मुहिम से प्रेरित होकर अंगदान की सहमति दी, जिससे कई जिंदगियां बच सकीं।
6 मरीजों को मिला जीवनदान
PGIMS Rohtak प्रशासन के अनुसार दोनों किडनी PGIMS के दो मरीजों में प्रत्यारोपित की गईं. दो कॉर्निया से दो लोगों को दृष्टि मिलेगी। लिवर को दिल्ली के ILBS Delhi भेजा गया, जहां स्प्लिट लिवर तकनीक से दो मरीजों को लाभ मिलेगा।
ग्रीन कॉरिडोर से 48 मिनट में दिल्ली पहुंचा लिवर
लिवर को सुरक्षित रूप से दिल्ली पहुंचाने के लिए झज्जर, रोहतक और दिल्ली पुलिस ने मिलकर ग्रीन कॉरिडोर बनाया।करीब 70 किलोमीटर की दूरी मात्र 48 मिनट में सफल परिवहन। पूरी प्रक्रिया बेहद संगठित और समयबद्ध रही.
अंतिम विदाई में सम्मान
अंशु के पार्थिव शरीर को ट्रॉमा सेंटर से बाहर ले जाते समय 21 गाड़ियों द्वारा सलामी दी गई, जो पूरे चिकित्सा और प्रशासनिक अमले की ओर से एक सम्मानजनक विदाई थी।
एक जीवन से कई जीवनों की उम्मीद
इस घटना ने एक बार फिर साबित किया कि अंगदान न केवल किसी परिवार के दुख को अर्थ देता है, बल्कि कई अन्य परिवारों के जीवन में नई रोशनी भी भर देता है।

