रायबरेली. उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले में एक खेत से निकली रहस्यमयी सुरंग ने लोगों को हैरान कर दिया है. हरचंदपुर थाना क्षेत्र के ओई गांव में बारिश के बाद अचानक जमीन धंसने से एक गड्ढा बन गया, जिसके अंदर पक्की दीवारों से बनी प्राचीन सुरंग जैसी संरचना दिखाई दी. घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों की भीड़ मौके पर जुट गई और इलाके में चर्चा शुरू हो गई.

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प्रशासन को सूचना मिलने के बाद भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है. अब इस रहस्यमयी संरचना का इतिहास पता लगाने की कोशिश की जा रही है.

बारिश के बाद धंसी जमीन, सामने आई पुरानी सुरंग

ग्रामीणों के अनुसार, पिछले सप्ताह तेज बारिश के बाद ओई गांव के एक खेत में करीब एक मीटर चौड़ा गड्ढा हो गया था. जब खेत मालिक और आसपास के लोगों ने इसकी जांच की तो जमीन के नीचे पक्की दीवारों से बनी संरचना नजर आई. धीरे-धीरे यह खबर पूरे इलाके में फैल गई और बड़ी संख्या में लोग सुरंग देखने के लिए पहुंचने लगे. लोगों में इस बात को लेकर उत्सुकता बढ़ गई कि आखिर जमीन के नीचे यह पुरानी संरचना किस समय की है.

पुरातत्व विभाग की टीम ने सुरंग में उतरकर की जांच

मामले की जानकारी मिलने के बाद महाराजगंज एसडीएम ने जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका को इसकी सूचना दी. इसके बाद जिलाधिकारी के निर्देश पर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण, लखनऊ मंडल की टीम ओई गांव पहुंची. सहायक पुरातत्वविद डॉ. मनोज कुमार यादव के नेतृत्व में टीम ने सीढ़ियों की मदद से सुरंग के अंदर उतरकर जांच की. विशेषज्ञों ने संरचना, मिट्टी और वहां मिले अवशेषों का बारीकी से निरीक्षण किया.

मिले पुराने अवशेष, कुषाण काल से जुड़ने की संभावना

जांच के दौरान पुरातत्व विभाग की टीम को पुरानी ईंटें, मिट्टी की सुराही और हैंडल वाली धूपदानी जैसे अवशेष मिले हैं. शुरुआती अनुमान के अनुसार इन अवशेषों को कुषाण काल से जुड़ा बताया जा रहा है. हालांकि, पुरातत्व विभाग की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही इस संरचना और अवशेषों की वास्तविक उम्र और ऐतिहासिक महत्व की पुष्टि हो सकेगी.

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1985 से संभालकर रखे हैं प्राचीन अवशेष

पुरातत्व टीम ने गांव निवासी अशोक प्रताप मौर्य के घर पहुंचकर उनके पास रखे पुराने अवशेषों का भी निरीक्षण किया. अशोक प्रताप का दावा है कि वह वर्ष 1985 से इन ऐतिहासिक वस्तुओं को सुरक्षित रखते आ रहे हैं. उनके अनुसार, ओई भीट पुरातत्व विभाग के अभिलेखों में दर्ज एक ऐतिहासिक स्थल है. फिलहाल प्रशासन ने सुरक्षा के लिहाज से सुरंग के आसपास पुलिस बल तैनात कर दिया है, ताकि किसी तरह की दुर्घटना न हो.