​पटना: पूर्व सांसद और बाहुबली नेता आनंद मोहन ने जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के भीतर मचे घमासान और अपनी नाराजगी को लेकर एक बार फिर कड़े तेवर दिखाए हैं। आनंद मोहन ने अपने हालिया थैली वाली पार्टी वाले बयान पर न केवल मुहर लगाई है बल्कि पार्टी के भीतर मौजूद उन तत्वों पर निशाना साधा है, जिन्हें वे नीतीश कुमार की वर्षों की तपस्या का दुश्मन मानते हैं।

​मैं जो कहता हूं, तौल कर कहता हूं

​दिल्ली से पटना लौटने के बाद मीडिया से मुखातिब हुए आनंद मोहन ने स्पष्ट कर दिया कि वे अपने बयानों से पीछे हटने वाले नहीं हैं। उन्होंने जोर देकर कहा, मैं जो भी कहता हूं, पूरी तरह सोच-समझकर और तौल कर कहता हूं। इसमें पलटने की कोई गुंजाइश नहीं है। आनंद मोहन ने दोहराया कि जेडीयू अब एक ‘थैली वाली पार्टी’ बन चुकी है, जहां निष्ठा के बजाय आर्थिक रसूख और ‘थैली’ पहुंचाने वालों को तरजीह दी जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसी के चलते पार्टी में पद और मंत्री पद का वितरण हो रहा है।

​’नीतीश की तपस्या पर फेरा पानी’

​आनंद मोहन ने पार्टी की वर्तमान स्थिति पर दुख जताते हुए कहा कि जिन लोगों ने जेडीयू की नींव रखने में मेहनत की थी, आज उन बेईमानों ने नीतीश कुमार की जीवन भर की तपस्या पर पानी फेर दिया है। उन्होंने कहा कि बिहार पीपुल्स पार्टी और समता पार्टी के विलय से बनी जेडीयू की गरिमा को इन लोगों ने धूमिल किया है। उन्होंने सीधे चुनौती देते हुए कहा, जिसको जेडीयू से भागना है, वो भागे।

हर भौंकने वाले का जवाब नहीं देता

​जब पत्रकारों ने आनंद मोहन से यह पूछा कि उनके बयानों पर जेडीयू के कई नेता तीखी प्रतिक्रिया दे रहे हैं, तो आनंद मोहन ने बेहद तल्ख लहजे में कहा कि वे हर किसी की बातों को महत्व नहीं देते। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा, हर भौंकने वाले का जवाब आनंद मोहन नहीं देता।

​’उप मुख्यमंत्री मतलब चुप मुख्यमंत्री’

​अपने बेटे और विधायक चेतन आनंद को लेकर उठ रहे सवालों और राज्य की राजनीति पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने एक नया शिगूफा छेड़ा। उन्होंने उप मुख्यमंत्री के पद को लेकर कहा कि उप मुख्यमंत्री का मतलब ‘चुप मुख्यमंत्री’ होता है। मंत्री पद की गरिमा और कार्यक्षमता पर सवाल उठाकर उन्होंने राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर भी एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है।

​क्या नई पार्टी बनाने की है तैयारी?

​भविष्य की योजनाओं को लेकर पूछे गए सवाल पर आनंद मोहन ने रहस्यमयी अंदाज में कहा, वक्त आने दे तुझे बता देंगे ऐ आसमां… हम अभी से क्या बताएं क्या हमारे दिल में है। उनके इस जवाब ने बिहार की राजनीति में अटकलों का बाजार गर्म कर दिया है कि क्या वे जल्द ही कोई बड़ा सियासी कदम उठाने वाले हैं।