आणंद। गुजरात के आणंद शहर और आसपास के इलाकों में कुदरत की मार से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। गत 31 जुलाई को हुई मूसलाधार बारिश के चलते वघासी रोड पर पातोलपुरा तालाबड़ी के पास स्थिति बेहद गंभीर रूप ले चुकी है। यहां सोसाइटियों को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग बारिश के पानी के तेज बहाव में पूरी तरह बह गया है। सड़क के अचानक टूट जाने और वहां विशालकाय गड्ढा व गहरी खाई बन जाने के कारण पास ही स्थित शक्ति दर्शन और हरिपूजन सोसाइटी में रहने वाले 200 से अधिक परिवारों का संपर्क मुख्य मार्ग से पूरी तरह कट गया है।
अस्थायी रास्ता भी दोबारा बारिश में बहा
मुख्य मार्ग और सोसाइटियों को जोड़ने वाली यह सड़क बह जाने के बाद वघासी-आणंद मुख्य मार्ग के बीच एक डरावनी खाई बन चुकी है। घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों को राहत देने के लिए वघासी ग्राम पंचायत द्वारा मिट्टी और मलबे की मदद से एक अस्थायी पैदल मार्ग तैयार किया गया था। हालांकि, यह राहत काफी कम समय के लिए साबित हुई। इसके बाद दोबारा हुई भारी बारिश के कारण यह अस्थायी मिट्टी का रास्ता भी पानी के तेज बहाव में बह गया। अब वहां फिर से एक विशाल खाई बन गई है, जिससे वाहनों की आवाजाही तो दूर, लोगों का पैदल चलना भी पूरी तरह से नामुमकिन हो गया है।
रोजमर्रा की जिंदगी ठप, दुर्घटना का बढ़ा खतरा
सड़क कट जाने से सोसाइटी के निवासियों, स्कूल जाने वाले बच्चों, किसानों, नौकरीपेशा लोगों और मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। रास्ते की खस्ताहाल और खतरनाक स्थिति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि हाल ही में इस जोखिम भरे मार्ग से गुजरते समय एक स्थानीय महिला का संतुलन बिगड़ गया और वह गिर पड़ी, जिससे उसके हाथ में गंभीर फ्रैक्चर हो गया।
इसके अलावा, आपातकालीन स्थिति में एम्बुलेंस या अग्निशामक वाहनों का पहुंचना भी असंभव हो गया है। स्कूल बसें और ऑटो-रिक्शा भी सोसाइटी तक नहीं आ पा रहे हैं, जिस कारण अभिभावकों को अपने छोटे-छोटे बच्चों को हाथों में थामकर या गोदी में उठाकर मुख्य मार्ग तक ले जाना पड़ रहा है।
निजी रास्तों पर भी बंदिशें, समस्या हुई विकराल
स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया है कि मुख्य मार्ग बंद होने के कारण जब उन्होंने आसपास की अन्य सोसाइटियों के निजी रास्तों से गुजरने का प्रयास किया, तो उन्हें वहां से आवागमन करने की अनुमति नहीं दी गई। निजी रास्तों पर लगी इस बंदिश के चलते 200 परिवारों की नाकेबंदी जैसी स्थिति पैदा हो गई है और समस्या और भी अधिक विकराल रूप धारण कर चुकी है।
प्रशासन, सांसद और विधायक को सौंपा ज्ञापन
अपनी इस बुनियादी समस्या का स्थायी समाधान न होता देख स्थानीय निवासियों का सब्र अब टूट रहा है। पीड़ित लोगों ने एकजुट होकर ग्राम पंचायत और आणंद के कलक्टर को ज्ञापन सौंपकर जल्द से जल्द पक्की सड़क और पुल बनाने की गुहार लगाई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए क्षेत्र के सांसद और विधायक ने भी मार्ग एवं भवन विभाग (R&B Department) तथा जिला पंचायत के उच्च अधिकारियों से संपर्क कर इस समस्या के तुरंत और स्थायी निवारण के लिए कड़े कदम उठाने की सिफारिश की है।
ग्राम पंचायत की लाचारी: अंडरब्रिज निर्माण के लिए 50 लाख की ग्रांट की मांग
दूसरी ओर, प्रशासनिक पक्ष रखते हुए वघासी गांव की तलाटी मीना परमार ने स्पष्ट किया कि जब यह सोसाइटी बनी थी, तब इसके पहुंच मार्ग का निर्माण संबंधित बिल्डर द्वारा अपने स्तर पर करवाया गया था। उन्होंने बताया कि जलजमाव और तेज बहाव को देखते हुए इस स्थान पर एक सुरक्षित अंडरब्रिज (नाला/पुलिया) का निर्माण कराना आवश्यक है, जिसका अनुमानित बजट 50 लाख रुपये से अधिक का है।
तलाटी के अनुसार, ग्राम पंचायत का वित्तीय बजट इतना बड़ा नहीं है कि वह अपने स्तर पर इस निर्माण कार्य का खर्च उठा सके। इसी लाचारी के चलते वघासी ग्राम पंचायत की ओर से क्षेत्रीय सांसद और विधायक को आधिकारिक पत्र भेजकर मांग की गई है कि वे अपनी विधायक/सांसद निधि (ग्रांट) से इस अंडरब्रिज निर्माण के लिए आवश्यक धनराशि जल्द से जल्द स्वीकृत कराएं, ताकि बेबस ग्रामीणों और 200 से अधिक परिवारों को इस नारकीय स्थिति से मुक्ति मिल सके।
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