गोपालगंज। बिहार के बाहुबली नेता और मोकामा के पूर्व विधायक अनंत सिंह की कानूनी मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। सोशल मीडिया पर हथियार लहराने और प्रदर्शन करने के वायरल वीडियो के मामले में दर्ज प्राथमिकी (FIR) पर शुक्रवार को एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट में सुनवाई हुई। जिला जज राजेंद्र पांडेय की अदालत ने अनंत सिंह को किसी भी तरह की अंतरिम राहत देने से साफ इनकार कर दिया है। कोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगाने की याचिका को खारिज करते हुए पुलिस से मामले की विस्तृत ‘केस डायरी’ तलब की है। अब इस हाई-प्रोफाइल मामले की अगली सुनवाई 20 मई को होगी।
बचाव पक्ष: “वीडियो फर्जी और राजनीतिक साजिश का हिस्सा”
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील राजेश पाठक ने अनंत सिंह का पक्ष रखते हुए इसे पूरी तरह से एक राजनीतिक षड्यंत्र करार दिया। वकील ने दलील दी कि जिस वीडियो को आधार बनाया जा रहा है, उसके साथ छेड़छाड़ की गई है। उन्होंने कोर्ट में दावा किया कि घटना के समय अनंत सिंह वहां मौजूद ही नहीं थे और न ही उस अश्लील गाने या मुजरे से उनका कोई लेना-देना है। बचाव पक्ष ने वीडियो की सत्यता पर सवाल उठाते हुए गिरफ्तारी पर तुरंत रोक लगाने की गुहार लगाई, जिसे अदालत ने फिलहाल स्वीकार नहीं किया।
प्रतिबंधित हथियारों की होगी FSL जांच
वहीं, सरकारी वकील (लोक अभियोजक) देव वंश गिरी उर्फ भानु गिरी ने कोर्ट को बताया कि यह मामला मीरगंज के सेमराव गांव में आयोजित एक जनेऊ कार्यक्रम से जुड़ा है। पुलिस के अनुसार, 2 और 3 मई को वायरल हुए वीडियो में सरेआम हथियारों का प्रदर्शन किया गया था। अभियोजन पक्ष ने आशंका जताई कि वीडियो में दिख रहे हथियार प्रतिबंधित श्रेणी के हो सकते हैं। पुलिस ने कोर्ट को सूचित किया कि हथियारों और वीडियो की वास्तविकता जानने के लिए इन्हें फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) भेजा जा रहा है।
केस डायरी पर टिकी है अगली उम्मीद
अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद स्पष्ट किया कि बिना केस डायरी के किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना संभव नहीं है। बता दें कि मीरगंज थाने में अनंत सिंह और भोजपुरी गायक गुंजन सिंह सहित कुल 9 लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज है। अब सभी की निगाहें 20 मई की तारीख पर टिकी हैं, जब पुलिस द्वारा सौंपी गई केस डायरी के आधार पर अदालत अपना अगला रुख तय करेगी।

