अनुज कुमार पांडेय, गोपालगंज। बिहार की राजनीति और मनोरंजन जगत से जुड़ी एक बड़ी खबर गोपालगंज से आ रही है। गोपालगंज की विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट ने मोकामा के जदयू विधायक अनंत सिंह और मशहूर भोजपुरी गायक गुंजन सिंह को एक आपराधिक मामले में बड़ी राहत दी है। न्यायालय ने दोनों की गिरफ्तारी पर फिलहाल 5 जून तक के लिए अंतरिम रोक लगा दी है। मामले की अगली सुनवाई के लिए भी 5 जून की तिथि ही निर्धारित की गई है।​विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट के न्यायाधीश राजेंद्र कुमार पांडेय की अदालत में इस मामले पर विस्तृत सुनवाई हुई। दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं द्वारा पेश की गई दलीलों को सुनने और मामले के तथ्यों पर विचार करने के बाद अदालत ने दोनों आरोपितों को यह अंतरिम राहत प्रदान की।

​पुलिस नहीं सौंप सकी FSL रिपोर्ट, सरकार ने मांगा समय

​अदालत में सुनवाई के दौरान पूर्व विधायक अनंत सिंह के अधिवक्ता राजेश पांडेय ने जोरदार पैरवी की। उन्होंने अदालत को बताया कि पुलिस अब तक इस मामले से संबंधित फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी की जांच रिपोर्ट न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करने में पूरी तरह नाकाम रही है। वैज्ञानिक साक्ष्यों के अभाव में आरोपितों को हिरासत में रखने का कोई ठोस आधार नहीं है।​दूसरी ओर, सरकार की तरफ से पक्ष रख रहे लोक अभियोजक ने एफएसएल रिपोर्ट दाखिल करने के लिए अदालत से अतिरिक्त समय की मांग की। बचाव पक्ष के अधिवक्ता के अनुसार, अग्रिम जमानत याचिका पर गंभीरता से विचार करते हुए न्यायालय ने मामले की परिस्थितियों को देखा और पुलिस को अगली सुनवाई तक गिरफ्तारी न करने का सख्त आदेश जारी किया।

​बिहार सीआईडी को सौंपी गई मामले की जांच

​इस हाई-प्रोफाइल मामले में एक नया मोड़ भी सामने आया है। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अदालत को सूचित किया गया कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए इसकी जांच अब बिहार सीआईडी को सौंप दी गई है। गोपालगंज जिला पुलिस ने इस केस से जुड़ी सभी आवश्यक केस डायरी और महत्वपूर्ण फाइलें आधिकारिक तौर पर बिहार सीआईडी को हस्तांतरित कर दी हैं। अब राज्य की शीर्ष जांच एजेंसी इस पूरे प्रकरण की कमान संभालेगी।

​क्या है पूरा मामला?

​गौरतलब है कि यह पूरा विवाद मीरगंज थाना क्षेत्र के सेमरांव गांव से जुड़ा है। बीते 2 और 3 मई को गांव में एक जनेऊ संस्कार कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम में भोजपुरी गायक गुंजन सिंह के विशेष आमंत्रण पर मोकामा के बाहुबली नेता अनंत सिंह मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे थे।
​कार्यक्रम के दौरान वहां मौजूद समर्थकों द्वारा सरेआम हथियारों का प्रदर्शन किया गया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया और मीरगंज थाने में अनंत सिंह, गुंजन सिंह समेत कुल नौ नामजद लोगों के विरुद्ध अवैध हथियार प्रदर्शन और अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
​अब इस पूरे मामले में सभी की निगाहें 5 जून को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं। आगामी सुनवाई में यह साफ हो पाएगा कि एफएसएल रिपोर्ट आने के बाद आरोपितों की राहत बरकरार रहती है या फिर उनकी कानूनी मुश्किलें और बढ़ेंगी।