सतीश सिंह, लखनऊ. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का मानदेय 8000 से बढ़ा कर 12000 करने और सहायिकाओं का 4000 से बढ़कर 6000 करने की घोषणा करते हुए समाजवादी पार्टी पर जोरदार हमला बोला है. उन्होंने सपा को राम विरोधी होने के साथ ही विकास विरोधी भी बताते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी ने प्रभु राम का विरोध किया. अयोध्या में राममंदिर न बने, इसके लिए इन्होंने एड़ी चोटी का जोर लगा दिया था. उन्होंने कहा कि कांग्रेस, समाजवादी पार्टी के लोगो ने रामभक्तों पर गोली चलवाई थी. इतना ही नही सनातन आस्था के खिलाफ न्यायालय में वकीलों की फौज तक खड़ी कर दी थी. ये लोग विरासत का विरोध करते हैं और विकास का विरोध करते हैं.
मंगलवार को अयोध्या के राजकीय इंटर कॉलेज (जी.आई.सी.) प्रांगण में नव नियुक्त आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों तथा सहायिकाओं के नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इनके विरोध करने के बावजूद राममंदिर आंदोलन नही रुका. अंततः अयोध्या में भव्य राममंदिर का निर्माण हुआ. वही 4 लेन की सड़क होने के साथ ही अयोध्या में रेलवे की सिंगल लाइन डबल लाइन हो गई. अयोध्या में इंटरनेशनल एयरपोर्ट भी बन गया है.
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मुख्यमंत्री ने कहा कि आज से 9 वर्ष पहले 2017 के पहले आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति क्या थी. आंगनबाड़ी केंद्र जर्जर थे, अव्यवस्था थी, रेसिपी इमानदारी से केंद्रों तक नही पहुंचती थी. उन्होंने कहा कि जब रेसिपी नही पहुचेगी तो बदनामी आंगनबाड़ी कार्यकत्री और सहायकों की होती थी. उन्होंने कहा कि बेईमानी तत्कालीन सरकार करती थी.उत्तरप्रदेश में आंगनबाड़ी रेसिपी और पोषाहार कार्यक्रम का संचालन एक शराब माफिया सन्चालित करता था. उसकी ऐसी पहुंच थी कि व्यवस्था को प्रभावित कर सकता था, कोई उसके सामने बोलता नही था. सरकार और माफिया मिलकर व्यवस्था चौपट करते थे, गाली आंगनबाड़ी कार्यकत्री और सहायिकाएं को सुनने मिलती थी.
केंद्र का पैसा माफियाओं के हाथ
सीएम ने कहा कि 2017 के पहले आंगनबाड़ी केंद्रों में जो मासूम बच्चे आते थे, वह अपना टाट लेकर आते थे, वहां न पेयजल होता था, न ही गुणवत्तापूर्ण रेसिपी दी जाती थी. केंद्र सरकार पैसा देती थी, लेकिन राज्य में ऐसी सरकार थी जो संवेदनहीन थी. वह न तो क्रय करती थी, अगर करती थी तो वह पैसा माफियाओं के हाथ चला जाता था. परिणाम था कि आंगनबाड़ी केंद्र वीरान पड़े रहते थे. उन्होंने कहा कि आपने आज से 10 वर्ष पहले की अयोध्या देखी होगी. न सड़क थी,न बिजली थी,न कोई सुविधा थी. तब अयोध्या अस्त व्यस्त थी,अराजकता का तांडव होता था. अयोध्या जैसे विश्वप्रसिद्ध धाम में भी मुश्किल 3 घण्टे बिजली आती थी,कभी दिन में या कभी रात में बिजली गायब. उन्होंने कहा कि एक सिंडीकेट का कब्जा था बिजली पर. केवल एक दो जनपद को छोड़कर बाकी जनपद अंधेरे में रहते थे.
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हमने जब अयोध्या धाम का जब विकास करना प्रारंभ किया तो सड़के चौड़ीकरण करना शुरू किया तो समाजवादी पार्टी ने विरोध किया. हमने रेलवे स्टेशन का निर्माण शुरू किया तो उन्होनें इसके लिए भी आंदोलन किया. वो सड़क नही बनने देना चाहते थे, रेलवे स्टेशन नही बनने देना चाहते थे. जब हमने महर्षि वाल्मीकि के नामपर एयरपोर्ट बनाना शुरू किया तब भी समाजवादी पार्टी ने आंदोलन किया. ये विकास विरोधी हैं. उन्होंने कहा कि अब अयोध्या में राम की पैड़ी का जल सड़ता नही है. एक ओर से आता है,दूसरी ओर से निकल जाता है. अयोध्या देश की सोलर सिटी बन गई है.
मानदेय 8000 से बढ़ाकर 12000 किया
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के अंदर सभी आंगनबाड़ी और सहायिकाओं को प्रतिवर्ष 5 लाख की कैशलेस की स्वास्थ्य बीमा का कवर दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि ये केवल एक बार के लिए नहीं है, हर वर्ष उनके लिए 5 लाख की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा की व्यवस्था किसी भी इम्पैनल्ड हॉस्पिटल में या सरकारी हॉस्पिटल में या मेडिकल कॉलेज में सुविधा उन्हें उपलब्ध होगी. इस दौरान उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को जो मानदेय पहले 8000 प्रतिमाह बढ़ाया गया था उसे बढ़ा करके 12000 प्रतिमाह करने की घोषणा की. साथ ही सहायिकाओं का 4000 से बढ़कर 6000 करने की घोषणा की.



