भिवानी के बवानीखेड़ा में दशकों से रह रहे गरीब परिवारों के आशियाने उजाड़ने और प्रदर्शनकारियों को जबरन धरने से हटाने पर राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस जिला अध्यक्ष अनिरूद्ध चौधरी ने भाजपा सरकार के इस कदम को तानाशाही करार दिया है।
अजय सैनी, भिवानी। हरियाणा के बवानीखेड़ा में दशकों से रह रहे गरीब परिवारों के मकानों को तोड़े जाने और उसके खिलाफ आवाज उठा रहे लोगों को जबरन धरने से हटाए जाने का मामला अब पूरी तरह तूल पकड़ चुका है। इस दमनकारी कार्रवाई को लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार और स्थानीय प्रशासन के खिलाफ सीधे तौर पर मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस के ग्रामीण जिला अध्यक्ष अनिरूद्ध चौधरी ने सरकार की इस कार्रवाई पर गहरा रोष जताते हुए इसे लोकतंत्र की हत्या और तानाशाही रवैया करार दिया है। इसके साथ ही उन्होंने पेट्रोल, डीजल व सीएनजी के बढ़े दामों पर गहरी चिंता जताई तथा कहा कि भाजपा सरकार पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए महंगाई को बढ़ाकर आम आदमी की कमर तोड़ रही है।
रसूखदारों को संरक्षण और गरीबों पर कार्रवाई का आरोप
अनिरूद्ध चौधरी ने तीखे शब्दों में कहा कि सत्ता के अहंकार में डूबी भाजपा सरकार ने मानवता को पूरी तरह शर्मसार किया है। दशकों से जो गरीब परिवार मेहनत-मजदूरी करके अपने आशियाने में रह रहे थे, उन्हें सरकार ने एक झटके में बेघर कर दिया जो कि बेहद अनैतिक और संवेदनहीन है। उन्होंने स्थानीय प्रशासन और भाजपा के विधायक पर मिलीभगत का संगीन आरोप लगाते हुए कहा कि प्रभावित लोगों के मुताबिक जिस जमीन पर कार्रवाई का दावा किया जा रहा है, वहीं स्थानीय भाजपा विधायक के परिवार का भी मकान बना हुआ है। लेकिन प्रशासन ने उसे छूने तक की हिम्मत नहीं की। सत्तापक्ष के विधायक और इलाके के रसूखदारों के आलीशान मकान पूरी तरह सुरक्षित हैं, जबकि गाज सिर्फ उन गरीब परिवारों पर गिरी है जिनके पास सिर छुपाने के लिए इसके अलावा कोई और जगह नहीं थी।
शांतिपूर्ण धरने से जबरन उठाने पर दी आंदोलन की चेतावनी
रोष प्रकट करते हुए अनिरूद्ध चौधरी ने कहा कि एक गरीब आदमी अपने बच्चों का पेट काटकर, जीवनभर की पूंजी लगाकर एक मकान बना पाता है, लेकिन इस निष्ठुर भाजपा सरकार ने चंद घंटों में गरीबों के उन सपनों को मलबे और खंडहर में तब्दील कर दिया। हद तो तब हो गई जब बेघर हुए बेबस लोग अपने हकों की मांग को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से धरने पर बैठे थे, लेकिन स्थानीय भाजपा विधायक ने अपनी नाकामियों को छुपाने के लिए प्रशासन के बल पर उन्हें जबरन धरने से उठवा दिया, जो सीधे तौर पर नागरिकों के लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है। उन्होंने मांग की कि जिन गरीब परिवारों के आशियाने उजाड़े गए हैं, उन्हें सरकार तुरंत रहने की जगह और उचित मुआवजा दे। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक हर एक प्रभावित परिवार को पूरा न्याय और हक नहीं मिल जाता, तब तक कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी और सड़क से लेकर सदन तक इस लड़ाई को लड़ा जाएगा।

