Automobile Desk: शोरूम से चमचमाती नई कार घर लाते ही डीलरशिप के एजेंट तरह-तरह की एक्सेसरीज और सर्विस पैकेज चिपकाने की कोशिश में जुट जाते हैं। इन्हीं में से एक बेहद कॉमन ऑफर ‘अंडरबॉडी एंटी-रस्ट कोटिंग’ (underbody anti-rust coating) होता है। सर्विस एडवाइजर अक्सर आपको जंग लगने का डर दिखाकर कुछ ही मिनटों में हजारों रुपये का यह पैकेज बेचने में कामयाब हो जाते हैं। लेकिन सवाल यह उठता है कि क्या आधुनिक कारों में तुरंत यह कोटिंग करवाना वाकई समझदारी है, या फिर यह आपके जेब पर बेवजह का बोझ है?

आधुनिक कारों में पहले से होती है जंग से सुरक्षा
इस बात को गहराई से समझने के लिए पहले कार बनाने की आधुनिक तकनीक को जानना जरूरी है। आजकल की ज्यादातर ऑटोमोबाइल कंपनियां गाड़ियों का ढांचा तैयार करते समय उच्च गुणवत्ता वाले गैल्वनाइज्ड स्टील का इस्तेमाल करती हैं। इसके अलावा, फैक्ट्री में ही कार के निचले हिस्से पर एक मजबूत प्रोटेक्टिव लेयर चढ़ाई जाती है। यही वजह है कि नई गाड़ियां शुरुआती 5 से 8 सालों तक सामान्य मौसम में बिना किसी अतिरिक्त कोटिंग के भी जंग से पूरी तरह सुरक्षित रहती हैं।
क्या होती है Anti-Rust Coating?
एंटी-रस्ट कोटिंग आखिर होती क्या है और यह कब काम आती है? आसान शब्दों में कहें तो यह कार के नीचे के मैकेनिकल हिस्सों और चेसिस पर लगाई जाने वाली रबर या रबर-बेस्ड केमिकल कोटिंग होती है। जब कार सड़क पर चलती है, तो गिट्टी, कीचड़, पानी और छोटे-मोटे पत्थरों से नीचे के मेटल पार्ट्स सीधे टकराते हैं। यह कोटिंग धातु के हिस्सों पर एक ढाल की तरह काम करती है, जिससे नमी और हवा का सीधा संपर्क टूट जाता है और जंग लगने की आशंका खत्म हो जाती है।
इन इलाकों में हो सकती है ज्यादा जरूरत
हालांकि, हर गाड़ी मालिक को इसकी जरूरत नहीं होती। अगर आपका निवास तटीय इलाकों जैसे मुंबई, चेन्नई, गोवा या केरल के आसपास है, जहां हवा में नमक और नमी की मात्रा काफी ज्यादा रहती है, तो एंटी-रस्ट कोटिंग आपकी कार के लिए एक जरूरी निवेश बन जाती है। ऐसे इलाकों में समुद्री हवा तेजी से लोहे को नुकसान पहुंचाती है। इसके अलावा जिन शहरों में मानसून के दौरान हफ्तों तक सड़कों पर जलभराव रहता है या कीचड़ जमा रहता है, वहां भी अतिरिक्त सुरक्षा ले लेना समझदारी माना जा सकता है। पुरानी गाड़ियों के लिए भी यह कोटिंग मददगार साबित होती है, क्योंकि वक्त के साथ कंपनी की ओर से मिली शुरुआती सुरक्षा परत घिस जाती है।
इन इलाकों में कार पर Anti-Rust Coating की जरूरी नहीं
दूसरी तरफ, यदि आप देश के ऐसे इलाकों में रहते हैं जहां का मौसम ज्यादातर सूखा रहता है, जैसे मध्य भारत के मैदानी इलाके या कम नमी वाले शहर, तो नई कार पर तुरंत यह कोटिंग करवाना पूरी तरह से पैसों की बर्बादी है। आधुनिक फैक्ट्री ट्रीटमेंट ऐसी जगहों पर गाड़ी को सालों तक सुरक्षित रखने के लिए काफी होता है।
इस बात पर ध्यान देना और भी जरूरी
गलत तरीके से कराई गई कोटिंग फायदे की जगह बड़ा नुकसान पहुंचा सकती है। कई लोकल वर्कशॉप या सर्विस सेंटर कार के निचले हिस्से को ठीक से धोए और सुखाए बिना ही ऊपर से स्प्रे कर देते हैं। अगर अंदर जरा सी भी नमी या गंदगी फंसी रह गई, तो कोटिंग के नीचे ही नीचे जंग तेजी से फैलने लगेगी और आपको पता भी नहीं चलेगा। इसलिए शोरूम वालों के दबाव में आकर तुरंत फैसला न लें, बल्कि अपनी गाड़ी के उपयोग और अपने शहर के मौसम का आकलन करके ही सही कदम उठाएं।
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