Business Desk – Apple और Google के लिए भारत तेजी से बड़ा Manufacturing Hub बनता दिख रहा है। इलेक्ट्रॉनिक्स और IT मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 21 अगस्त को कहा कि सरकार को उम्मीद है कि Apple भारत में iPhone के अलावा दूसरे प्रोडक्ट्स का उत्पादन बढ़ाएगा।

वहीं, Google अपने विदेशी बाजारों के लिए होने वाले डिवाइस प्रोडक्शन का बड़ा हिस्सा चीन से भारत ला सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, Google 2027 से चीन में Pixel फोन, स्मार्टवॉच और वायरलेस ईयरबड्स का उत्पादन बंद करने की तैयारी में है। हालांकि, Google ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
Google भारत में Pixel की मैन्युफैक्चरिंग बढ़ा सकता है
Google ने अक्टूबर 2023 में भारत में Pixel स्मार्टफोन की मैन्युफैक्चरिंग शुरू करने का ऐलान किया था। शुरुआत में Pixel 8 का उत्पादन किया गया। इसके लिए कंपनी ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय मैन्युफैक्चरिंग पार्टनर्स के साथ काम किया।
उस समय Google ने भारत को प्राथमिकता वाला बाजार बताया था। कंपनी ने कहा था कि स्थानीय उत्पादन भारत में अपनी डिवाइस मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ाने की दिशा में शुरुआती कदम है।
भारत में Google Pixel स्मार्टफोन की असेंबलिंग करने वाली कंपनियों में Dixon Technologies भी शामिल है। 2025 में Google भारत में अपनी Pixel रेंज का उत्पादन बढ़ाने और भारत में बने डिवाइसेज को दूसरे देशों में Export करने की तैयारी कर रहा था।
2027 से चीन में Pixel की मैन्युफैक्चरिंग बंद होने की खबर
इस हफ्ते सामने आई रिपोर्ट्स के मुताबिक, Google 2027 से चीन में Pixel फोन, स्मार्टवॉच और वायरलेस ईयरबड्स की मैन्युफैक्चरिंग बंद करने की योजना बना रहा है। इसके बाद इन प्रोडक्ट्स का उत्पादन भारत और वियतनाम में किया जा सकता है।हालांकि, Google ने अभी तक इस योजना की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
Apple iPhone के आगे बढ़ा सकता है प्रोडक्शन
भारत में Apple का मैन्युफैक्चरिंग नेटवर्क Google के मुकाबले काफी बड़ा है। Apple ने 2017 में भारत में iPhone की असेंबलिंग शुरू की थी। इसके बाद कंपनी ने Foxconn और Tata Group जैसे सप्लायर्स के जरिए देश में iPhone उत्पादन बढ़ाया।
अब IT मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि सरकार Apple के साथ मिलकर भारत में उसकी मैन्युफैक्चरिंग को iPhone से आगे दूसरे प्रोडक्ट्स तक बढ़ाने पर काम कर रही है।
नई मोबाइल स्कीम में लोकल कंपोनेंट्स पर फोकस
वैष्णव का यह बयान सरकार की नई मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग स्कीम के नोटिफिकेशन के बीच आया है। यह स्कीम बड़े स्तर पर इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग के लिए लागू पिछली PLI स्कीम के बाद लाई गई है। पिछली PLI स्कीम 31 मार्च 2026 को खत्म हुई थी।
जुलाई में कैबिनेट से मंजूर नई स्कीम पर 62,500 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। यह योजना वित्त वर्ष 2027 से वित्त वर्ष 2031 तक चलेगी।
मोबाइल कंपनियों को 5% तक इंसेंटिव
नई स्कीम के तहत पात्र मोबाइल फोन की बिक्री पर कंपनियों को 2.25% से 5% तक इंसेंटिव मिलेगा। इसके अलावा, तय कंपोनेंट्स और सब-असेंबली की घरेलू खरीद पर 1.5% तक अतिरिक्त इंसेंटिव दिया जाएगा।
सरकार का फोकस अब सिर्फ भारत में ज्यादा मोबाइल फोन बनाने पर नहीं है। वह मोबाइल फोन में इस्तेमाल होने वाले ज्यादा से ज्यादा कंपोनेंट्स का उत्पादन भी देश में बढ़ाना चाहती है।
भारत में इस्तेमाल होने वाले 99.2% मोबाइल यहीं बन रहे
सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, भारत में इस्तेमाल होने वाले 99.2% मोबाइल फोन अब देश में ही बनाए जाते हैं। वित्त वर्ष 2024 में मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग में घरेलू वैल्यू एडिशन बढ़कर 23% पहुंच गया था।
वित्त वर्ष 2026 में स्मार्टफोन भारत की सबसे बड़ी व्यक्तिगत एक्सपोर्ट प्रोडक्ट कैटेगरी बन गए। यानी भारत में बड़ी संख्या में स्मार्टफोन बनाकर दूसरे देशों को भी भेजे जा रहे हैं।
सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स और सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग के लिए भी इंसेंटिव बढ़ाए हैं। इसका उद्देश्य इलेक्ट्रॉनिक्स सप्लाई चेन के ज्यादा से ज्यादा हिस्से को भारत में विकसित करना है।

