भिवानी निवासी अरुण यादव ने दिल्ली में आयोजित हाफ मैराथन को सफलतापूर्वक पूरा कर जिले का नाम रोशन किया है। उन्होंने स्वास्थ्य को जीवन की सबसे बड़ी पूंजी बताते हुए युवाओं को नशे से दूर रहने का संदेश दिया।

अजय सैनी, भिवानी। आज के दौर में जहां 38 वर्ष की आयु पार करते ही लोग करियर, परिवार और काम-काज की व्यस्तताओं को ढाल बनाकर अपने स्वास्थ्य और व्यायाम को नजरअंदाज करने लगते हैं, वहीं भिवानी के एक लाल ने इस धारणा को तोड़ते हुए युवाओं के सामने अनुशासन और दृढ़ संकल्प की एक नई परिभाषा लिखी है। स्थानीय वीरवान पाना की अहीरान गली के निवासी और इंद्राज गार्डन के संचालक अरुण यादव ने देश की राजधानी दिल्ली में आयोजित 21.1 किलोमीटर की कठिन हाफ मैराथन (Sahothon) दौड़ को लगातार 2 घंटे में सफलतापूर्वक पूरा कर जिले का नाम रोशन किया है। 38 वर्ष की आयु में उनकी इस उपलब्धि ने युवाओं के लिए एक बड़ी चुनौती पेश की है।

ऑपरेशन सिंदूर की सफलता पर आयोजन

दरअसल, ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता के उपलक्ष्य में ‘वाईस ऑफ कांस्टीट्यूशन’ द्वारा दूसरी साहोथॉन दौड़ का आयोजन दिल्ली में करवाया गया था। इस प्रतियोगिता में देश भर से हजारों की संख्या में प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया और 21.1 किलोमीटर की लंबी दौड़ लगाई। खेल नगरी भिवानी से एकमात्र अरुण यादव ने इस साहोथॉन में प्रतिभागिता की और अपनी शारीरिक क्षमता के साथ-साथ मानसिक मजबूती का परिचय देते हुए दौड़ को समय पर पूरा किया। अरुण यादव फिटनेस को लेकर इतने सजग हैं कि उन्होंने अपने 9 वर्षीय पुत्र मृत्युंजय को भी पिछले 4 वर्षों से जिमनास्टिक खेल से जोड़ा हुआ है, जो फिलहाल अंडर-11 आयु वर्ग में स्कूल स्तर पर खेल रहे हैं।

युवा पीढ़ी को फिटनेस का विशेष संदेश

मैराथन पूरी करने के बाद उत्साहित अरुण यादव ने युवा पीढ़ी को संदेश देते हुए कहा कि उनका उद्देश्य केवल पदक जीतना नहीं, बल्कि यह बताना था कि स्वास्थ्य ही जीवन की असली पूंजी है। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज के युवा नशे और गलत आदतों की ओर आकर्षित हो रहे हैं या मोबाइल और दफ्तर की कुर्सियों तक सिमट गए हैं। यदि हम 24 घंटों में से एक घंटा भी शरीर को नहीं दे सकते, तो भविष्य में हम एक बीमार समाज का निर्माण करेंगे। उनकी इस कामयाबी पर पूरे भिवानी में खुशी का माहौल है और स्थानीय निवासियों का कहना है कि अरुण ने साबित कर दिया है कि उम्र महज एक संख्या है।