दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal)ने पेट्रोल में 20 फीसदी इथेनॉल मिलाने की नीति का विरोध करते हुए केंद्र सरकार और ऑटोमोबाइल कंपनियों दोनों पर निशाना साधा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) से अपील की कि लोगों को अपनी जरूरत और पसंद के अनुसार ईंधन चुनने का विकल्प दिया जाए। अपने बयान में केजरीवाल ने कहा कि सरकार को पेट्रोल में इथेनॉल मिश्रण को अनिवार्य बनाने के बजाय उपभोक्ताओं के सामने अलग-अलग विकल्प रखने चाहिए। उन्होंने हाथ जोड़कर प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि E0 (बिना इथेनॉल), E10 (10 फीसदी इथेनॉल मिश्रित) और E20 (20 फीसदी इथेनॉल मिश्रित) पेट्रोल अलग-अलग कीमतों पर उपलब्ध कराया जाए, ताकि लोग अपनी गाड़ी और आवश्यकता के अनुसार ईंधन का चयन कर सकें।

केजरीवाल ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार इस मुद्दे पर लोगों को पर्याप्त जानकारी नहीं दे रही है। उन्होंने ऑटोमोबाइल कंपनियों पर भी आरोप लगाया कि वे इथेनॉल मिश्रित ईंधन को लेकर उपभोक्ताओं के सामने पूरी सच्चाई नहीं रख रही हैं। आप प्रमुख ने कहा कि किसी भी नई नीति को लागू करने से पहले आम लोगों के हितों और वाहनों पर उसके प्रभाव को ध्यान में रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता को विकल्प देना ही सबसे उचित और लोकतांत्रिक तरीका होगा।

E20 पेट्रोल पर केंद्र सरकार झूठ बोल रही

केजरीवाल ने आरोप लगाया कि E20 पेट्रोल को लेकर केंद्र सरकार लगातार गलत जानकारी दे रही है और जनता को भ्रमित करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने दावा किया कि 3 जुलाई को केंद्र सरकार ने 6 वाहन कंपनियों को बुलाकर प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए यह कहने के लिए कहा कि E20 पेट्रोल पूरी तरह सुरक्षित है और E0, E5 या E10 ईंधन के लिए बनी गाड़ियों में भी इसका इस्तेमाल करने से कोई नुकसान नहीं होगा। केजरीवाल ने आरोप लगाया कि छह में से तीन कंपनियों ने ऐसा करने से इनकार कर दिया, जबकि बाकी तीन कंपनियों ने सरकार के कहने पर यह बयान दिया कि पुरानी गाड़ियों में भी E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से कोई नुकसान नहीं होगा।

माइलेज घटा या गाड़ी खराब हुई तो हर्जाना कौन देगा?

केजरीवाल ने कहा कि एक ओर कुछ ऑटो कंपनियां सार्वजनिक रूप से दावा कर रही हैं कि E20 ईंधन से किसी प्रकार का नुकसान नहीं होता, वहीं दूसरी ओर उनके वाहन के ऑनर मैन्युअल में केवल 10 प्रतिशत तक एथनॉल मिश्रण वाले ईंधन के उपयोग की सलाह दी गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों दावों में विरोधाभास है। केजरीवाल ने कहा कि वह संबंधित तीनों कंपनियों को पत्र लिखकर मांग करेंगे कि वे लिखित में आश्वासन दें कि यदि E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से किसी वाहन की माइलेज 10 प्रतिशत से अधिक घटती है या वाहन में कोई तकनीकी खराबी आती है, तो उसका हर्जाना दिया जाएगा और खराब हुए पुर्जे मुफ्त में बदले जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि वह पीएम मोदी को पत्र लिखकर पूछेंगे कि यदि E20 के इस्तेमाल से लोगों को नुकसान होता है, तो उसकी भरपाई कौन करेगा सरकार या वाहन कंपनी? साथ ही, गाड़ी खराब होने की स्थिति में मरम्मत और मुआवजे की जिम्मेदारी किसकी होगी।

केजरीवाल की अपील- E20 के साथ E0 और E10 का भी मिले विकल्प

अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार से अपील करते हुए कहा कि पेट्रोल पंपों पर केवल E20 ही नहीं, बल्कि E0 और E10 ईंधन का विकल्प भी उपलब्ध कराया जाना चाहिए। उनका कहना था कि कई देशों, जैसे अमेरिका और जापान, में कम एथनॉल मिश्रण वाला ईंधन भी उपलब्ध है और उपभोक्ताओं को अपनी जरूरत के अनुसार विकल्प चुनने की सुविधा मिलती है। केजरीवाल ने दावा किया कि सरकार की मौजूदा नीति से देश की करोड़ों गाड़ियां प्रभावित हो सकती हैं। उन्होंने हाथ जोड़कर पीएम मोदी  से अपील करते हुए कहा, “जिद मत कीजिए, जनता को विकल्प दीजिए।” उन्होंने सुझाव दिया कि पेट्रोल पंपों पर E0, E10 और E20 तीनों प्रकार के ईंधन अलग-अलग कीमतों पर उपलब्ध कराए जाएं, ताकि वाहन मालिक अपनी गाड़ी की अनुकूलता के अनुसार ईंधन का चयन कर सकें।

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