Asaduddin Owaisi Jaipur: राजस्थान के नगर निकाय चुनाव में अपनी पार्टी के प्रत्याशियों के समर्थन में प्रचार करने रविवार को जयपुर पहुंचे AIMIM प्रमुख और हैदराबाद सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने सहारनपुर में मस्जिद तोड़े जाने के मामले को लेकर योगी सरकार पर निशाना साधा।

जयपुर एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत में ओवैसी ने आरोप लगाया कि मस्जिद को कानूनी प्रक्रिया पूरी किए बिना और अपील का मौका दिए बिना सुबह 5 बजे तोड़ दिया गया। उन्होंने इसे धार्मिक आजादी और संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन बताया। ओवैसी ने कहा कि इस कार्रवाई का खामियाजा योगी सरकार को भुगतना पड़ेगा।

कलेक्टर ऑफिस से पहले अस्तित्व में थी मस्जिद

ओवैसी ने दावा किया कि जिस मस्जिद को तोड़ा गया, वह कलेक्टर कार्यालय बनने से पहले से वहां मौजूद थी। उन्होंने कहा कि जब मस्जिद बनाई गई थी, तब एक मुस्लिम परिवार ने मस्जिद के साथ मंदिर के लिए भी जमीन दी थी।

ओवैसी के मुताबिक, मस्जिद वक्फ बोर्ड में रजिस्टर्ड है और उसे कानूनी संरक्षण प्राप्त है। उन्होंने आरोप लगाया कि कार्रवाई में संबंधित पक्ष को कानूनी उपाय अपनाने और अपील करने का मौका नहीं दिया गया।

उन्होंने सहारनपुर डीएम का उदाहरण देते हुए कहा कि अगर किसी अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई होती है तो उसे भी संवैधानिक संस्थाओं में अपील का अवसर मिलता है। लेकिन मस्जिद के मामले में ऐसा नहीं किया गया। ओवैसी ने आरोप लगाया कि सुबह 5 बजे मस्जिद को चोरों की तरह तोड़ दिया गया।

कोर्ट जाने का मौका नहीं दिया

ओवैसी ने कहा कि मस्जिद वक्फ बोर्ड में रजिस्टर्ड है और वक्फ बाय यूजर के तहत उसे कानूनी अधिकार प्राप्त हैं। उन्होंने केंद्र सरकार के नए वक्फ संशोधन कानून को भी असंवैधानिक बताया। ओवैसी ने दावा किया कि इसी कानून में सरकारी संपत्ति पर 30 साल से मौजूद धार्मिक स्थल को लेकर मालिकाना हक से जुड़ा प्रावधान है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर एक ही स्थान पर दो धार्मिक स्थल थे तो केवल मस्जिद के खिलाफ कार्रवाई क्यों की गई।

उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों से जुड़े मामलों में समानता और संवैधानिक व्यवस्था का पालन होना चाहिए। ओवैसी ने आरोप लगाया कि इस मामले में राज्य सरकार ने एकतरफा कार्रवाई की।

योगी सरकार को खामियाजा भुगतना पड़ेगा

AIMIM प्रमुख ने योगी आदित्यनाथ सरकार पर हाई कोर्ट और अपर कोर्ट जाने से बचने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इसी वजह से रातों-रात कार्रवाई की गई। ओवैसी ने कहा कि सरकार को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।

उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 25 का जिक्र करते हुए कहा कि यह धार्मिक आजादी का अधिकार देता है। ओवैसी ने भाजपा और RSS पर धार्मिक आजादी को लेकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि मस्जिदों के खिलाफ एकतरफा कार्रवाई की जा रही है। ओवैसी ने कहा कि पहले जयपुर में मस्जिद तोड़ी गई और अब सहारनपुर में मस्जिद के खिलाफ कार्रवाई हुई है।

UCC को लेकर भी भाजपा पर निशाना

उत्तराखंड के कॉमन सिविल कोड (UCC) को लेकर भी ओवैसी ने भाजपा सरकार पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तराखंड का UCC हिंदू मैरिज एक्ट की हूबहू नकल है। उनके मुताबिक, हिंदू मैरिज एक्ट के कई प्रावधानों को नए UCC कानून में शामिल किया गया है, जबकि आदिवासियों को इससे बाहर रखा गया है।

ओवैसी ने कहा कि भारत में अलग-अलग समुदाय रहते हैं। ऐसे में एक समुदाय के शादी, विवाह और तलाक से जुड़े कानूनों को दूसरे समुदायों पर लागू करना संविधान के खिलाफ है। उन्होंने आरोप लगाया कि UCC के बहाने मुसलमानों की शादी, तलाक और संपत्ति के अधिकारों को खत्म करने की कोशिश की जा रही है।

असीम वकार के आरोपों पर भी बोले ओवैसी

हाल ही में AIMIM छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए असीम वकार के आरोपों पर भी ओवैसी ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अब वे बहुत कुछ कहेंगे। ओवैसी ने कहा कि लोग आते-जाते रहते हैं, लेकिन पार्टी हमेशा रहती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि कांग्रेस में जाने के बाद कांग्रेस के लोग असीम वकार का ख्याल रखेंगे।

राजस्थान निकाय चुनाव में AIMIM प्रत्याशियों के लिए प्रचार

ओवैसी ने राजस्थान के नगर निकाय चुनाव को लेकर कहा कि वह अपनी पार्टी के प्रत्याशियों के समर्थन में प्रचार करने जयपुर आए हैं। उन्होंने जनता से AIMIM प्रत्याशियों को कामयाब बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि पार्टी के प्रत्याशी जीतते हैं तो वार्डों में विकास के काम किए जा सकेंगे। साथ ही राजस्थान में पार्टी को मजबूती मिलेगी और स्थानीय नेतृत्व उभर सकेगा।

ओवैसी ने यह भी कहा कि AIMIM के प्रत्याशियों को राजस्थान में आधिकारिक चुनाव चिह्न नहीं मिल पाया। उन्होंने बताया कि इसके लिए पार्टी हाई कोर्ट भी गई थी, लेकिन वहां से राहत नहीं मिली। इसके बावजूद उनके प्रत्याशी और कार्यकर्ता मजबूती से चुनाव लड़ रहे हैं।

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