Business Desk – Astral Share Crash : एस्ट्रल (Astral) के शेयरों में सोमवार को अचानक बड़ी गिरावट देखने को मिली. कंपनी ने अपने केमिकल कारोबार को अलग कंपनी में बांटने (डिमर्जर) का ऐलान किया, जिसके बाद शेयर में भारी बिकवाली शुरू हो गई. सुबह करीब 11:12 बजे Astral का शेयर 8.7% टूटकर 1,357.10 रुपए के दिन के निचले स्तर पर पहुंच गया.

दिलचस्प बात यह है कि डिमर्जर के बाद मौजूदा शेयरधारकों को 1:1 के अनुपात में नई कंपनी Astral Chemi का भी एक शेयर मिलेगा, फिर भी निवेशकों ने शेयर बेचना क्यों शुरू कर दिया? आखिर इस फैसले के पीछे क्या वजह है और लंबी अवधि में इसका क्या असर हो सकता है?

आखिर क्यों लिया गया डिमर्जर का फैसला?

कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंज को दी जानकारी में बताया कि उसके बोर्ड ने ऑडिट कमेटी और स्वतंत्र निदेशकों की सिफारिशों के बाद डिमर्जर योजना को मंजूरी दी है. इसके तहत Astral Limited के पूरे केमिकल कारोबार को नई कंपनी Astral Chemi Limited (पूर्व में Astral Coatings Private Limited) में ट्रांसफर किया जाएगा. इसी योजना के तहत Al-Aziz Plastics Private Limited का Astral Limited में विलय भी प्रस्तावित है. कंपनी का मानना है कि इससे दोनों कारोबार स्वतंत्र रूप से तेजी से आगे बढ़ सकेंगे.

शेयरधारकों को क्या मिलेगा?

डिमर्जर के बाद मौजूदा निवेशकों को अतिरिक्त लाभ मिलेगा. कंपनी ने स्पष्ट किया है कि Astral Limited का एक शेयर रखने वाले प्रत्येक निवेशक को Astral Chemi का भी एक शेयर मिलेगा. यानी शेयरों का अनुपात 1:1 रहेगा.

हालांकि नई कंपनी के शेयर मिलने से पहले डिमर्जर प्रक्रिया पूरी होनी जरूरी होगी. सभी नियामकीय मंजूरियां मिलने के बाद Astral Chemi को भी शेयर बाजार में अलग से सूचीबद्ध (लिस्ट) किया जाएगा. पूरी प्रक्रिया में करीब 12 महीने या उससे अधिक समय लग सकता है.

फिर भी शेयर क्यों टूट गया?

ब्रोकरेज फर्म Equirus Securities के मुताबिक, फिलहाल निवेशकों में दोनों कंपनियों की अलग-अलग वैल्यूएशन को लेकर असमंजस बना रहेगा. खासकर एडहेसिव, पेंट्स और कोटिंग्स कारोबार की वास्तविक कीमत का अनुमान लगाना आसान नहीं होगा. इसी अनिश्चितता के कारण निकट अवधि में शेयर पर दबाव बना रह सकता है. हालांकि ब्रोकरेज ने लंबी अवधि के लिए कंपनी पर भरोसा जताते हुए 1,980 रुपए का टारगेट प्राइस बरकरार रखा है.

जेएम फाइनेंशियल ने क्या कहा?

ब्रोकरेज JM Financial का मानना है कि डिमर्जर के बाद दोनों कंपनियां अपने-अपने मुख्य कारोबार पर पूरी तरह फोकस कर सकेंगी. Astral Limited केवल प्लंबिंग और बिल्डिंग मटेरियल बिजनेस पर ध्यान देगी. Astral Chemi के तहत केमिकल, पेंट्स और कोटिंग्स का पूरा कारोबार संचालित होगा. इससे मैनेजमेंट का फोकस बढ़ेगा और दोनों कारोबारों की ग्रोथ तेज होने की संभावना है.

नई कंपनी के सामने क्या होंगी चुनौतियां?

ब्रोकरेज के अनुसार Astral Chemi के सामने सबसे बड़ी चुनौती कारोबार का विस्तार करने के लिए पूंजी जुटाना, मुनाफा बढ़ाना और बढ़ती प्रतिस्पर्धा का सामना करना होगी. कंपनी ने अगले चार से पांच वर्षों में 4,500 करोड़ से 5,000 करोड़ रुपए का राजस्व हासिल करने का लक्ष्य रखा है. साथ ही वित्त वर्ष 2028 तक EBITDA मार्जिन 14% से 15% तक पहुंचाने की योजना बनाई गई है.

निवेशकों के लिए कैसे होगी वैल्यू अनलॉक?

कंपनी का कहना है कि डिमर्जर से दोनों कारोबार स्वतंत्र रूप से काम करेंगे. इससे पूंजी का बेहतर उपयोग होगा, बिजनेस पर फोकस बढ़ेगा, कॉर्पोरेट गवर्नेंस मजबूत होगी और शेयरधारकों के लिए वैल्यू अनलॉक करने का मौका मिलेगा. अलग-अलग कारोबार होने से निवेशकों को दोनों कंपनियों की वास्तविक क्षमता का अलग-अलग आकलन करने में भी आसानी होगी.

अभी बाकी हैं कई मंजूरियां

डिमर्जर योजना लागू होने से पहले नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT), सेबी, एनएसई, बीएसई समेत अन्य नियामकीय संस्थाओं की मंजूरी जरूरी होगी. इसके अलावा शेयरधारकों और लेनदारों की स्वीकृति भी ली जाएगी.

कंपनी के केमिकल कारोबार का कितना योगदान?

वित्त वर्ष 2025-26 में डिमर्ज होने वाले केमिकल कारोबार का टर्नओवर 1,266.3 करोड़ रुपए रहा, जो कंपनी के कुल कारोबार का करीब 21% है. कंपनी ने यह भी साफ किया है कि डिमर्जर के बाद Astral Limited की शेयरहोल्डिंग संरचना में कोई बदलाव नहीं होगा.