औरंगाबाद। जिले का नाम बदलकर ‘देव’ करने की मांग लंबे समय से चर्चा में है। इस दिशा में अब एक बड़ी प्रगति हुई है। देव प्रखंड स्थित सहदेव चौधरी पुस्तकालय में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में जनेश्वर विकास केंद्र के केंद्रीय सचिव सिद्धेश्वर विद्यार्थी ने बताया कि जिले का नाम ‘देव’ करने के लिए वर्ष 1992 से संघर्ष चल रहा है।
​हाल ही में, भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने बिहार सरकार को इस मांग पर नियमानुकूल कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। राज्य सरकार ने इस निर्देश को गंभीरता से लिया है। इस सकारात्मक रुख को देखते हुए, 3 जुलाई 2026 को जिला पदाधिकारी कार्यालय के घेराव और प्रस्तावित प्रदर्शन के कार्यक्रम को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। स्थानीय लोगों ने केंद्र और राज्य सरकार के इस कदम का स्वागत करते हुए इसे अपने लंबे संघर्ष की पहली बड़ी जीत माना है।

​औरंगाबाद में दानवीर भामाशाह की जयंती श्रद्धापूर्वक मनाई गई

​औरंगाबाद शहर के जसोइया स्थित महाराणा प्रताप एवं भामाशाह प्रतिमा स्थल पर महान दानवीर भामाशाह की जयंती सोमवार को हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। इस कार्यक्रम में ओबरा विधायक डॉ. प्रकाश चंद्र, नगर परिषद अध्यक्ष उदय गुप्ता और चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष मुकेश लाल गुप्ता समेत कई गणमान्य लोग शामिल हुए।
​विधायक डॉ. प्रकाश चंद्र ने भामाशाह के त्याग का स्मरण करते हुए कहा कि वे एक सच्चे राष्ट्रभक्त थे। हल्दीघाटी के युद्ध के कठिन समय में जब महाराणा प्रताप आर्थिक संकट से जूझ रहे थे, तब भामाशाह ने अपनी पूरी संपत्ति उन्हें सौंप दी थी। इसी दान से महाराणा प्रताप ने अपनी सेना का पुनर्गठन किया, जिससे मुगलों के विरुद्ध संघर्ष को नई ऊर्जा मिली। विधायक ने इस प्रेरणादायी इतिहास को याद करते हुए प्रतिमा स्थल पर तलवार के निर्माण का खर्च खुद उठाने का वादा किया और महाराणा प्रताप सेवा संस्थान को आर्थिक सहायता देने की घोषणा भी की।
​नगर परिषद अध्यक्ष उदय गुप्ता ने उपस्थित लोगों से भामाशाह के जीवन से राष्ट्रप्रेम और त्याग की सीख लेने का आह्वान किया। इस अवसर पर देव नगर पंचायत के उपाध्यक्ष गोलू गुप्ता, भाजपा नेता रामरूप सिंह और अन्य सामाजिक कार्यकर्ता व स्थानीय नागरिक भारी संख्या में उपस्थित रहे। यह आयोजन न केवल भामाशाह को श्रद्धांजलि देने का माध्यम बना, बल्कि समाज में एकता और राष्ट्रभक्ति की भावना को भी पुष्ट किया।