Lifestyle Desk – सावन का पवित्र महीना शुरू होते ही भगवान शिव की पूजा-अर्चना के साथ व्रत और फलाहार का सिलसिला भी शुरू हो जाता है। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग अनाज से परहेज करते हैं और सिंघाड़े का आटा, कुट्टू का आटा, साबुदाना और राजगीरा जैसी चीजों को अपनी डाइट में शामिल करते हैं। सिंघाड़े के आटे से व्रत में पूड़ी, पराठा, चीला और हलवा जैसी कई स्वादिष्ट चीजें बनाई जाती हैं।

हालांकि, बाजार से मिलने वाले पैक्ड या खुले सिंघाड़े के आटे की गुणवत्ता को लेकर कई लोगों के मन में सवाल रहता है। ऐसे में अगर आप व्रत के लिए शुद्ध और ताजा सिंघाड़े का आटा इस्तेमाल करना चाहते हैं, तो इसे घर पर भी आसानी से तैयार किया जा सकता है। घर पर आटा बनाने का फायदा यह है कि आपको इस्तेमाल होने वाली सामग्री की गुणवत्ता का पता रहता है और किसी भी तरह की संदिग्ध मिलावट से बचने में मदद मिल सकती है।
सिंघाड़े का आटा बनाने के लिए क्या चाहिए?
घर पर सिंघाड़े का आटा बनाने के लिए आपको मुख्य रूप से सूखे सिंघाड़े की जरूरत होगी। सिंघाड़े खरीदते समय ध्यान रखें कि वे साफ, अच्छी तरह सूखे और फंगस या नमी के निशान से मुक्त हों। अगर सिंघाड़ों में बदबू आ रही हो या वे बहुत ज्यादा नर्म महसूस हों, तो उनका इस्तेमाल न करें।आइए जानते हैं घर में कैसे शुद्ध सिंघाड़े का आटा तैयार करें।
सबसे पहले सिंघाड़ों को करें साफ
सबसे पहले सिंघाड़ों को अच्छी तरह जांचकर उनमें मौजूद धूल, मिट्टी या खराब टुकड़ों को अलग कर दें। अगर सिंघाड़े धोने की जरूरत हो तो उन्हें जल्दी से साफ पानी से धोकर तुरंत अच्छी तरह सुखा लें। आटा बनाने से पहले सिंघाड़ों का पूरी तरह सूखना बहुत जरूरी है, क्योंकि नमी रह जाने पर आटा जल्दी खराब हो सकता है।
धूप में अच्छी तरह सुखाएं
साफ किए हुए सिंघाड़ों को साफ कपड़े या बड़ी प्लेट में फैलाकर धूप में अच्छी तरह सुखाएं। उन्हें तब तक सुखाएं जब तक उनमें बिल्कुल नमी न रह जाए। अगर सिंघाड़े पहले से पूरी तरह सूखे हुए हैं, तो इस चरण की जरूरत कम हो सकती है, लेकिन उन्हें इस्तेमाल से पहले अच्छी तरह जांचना जरूरी है।
मिक्सर में पीसने से पहले अपनाएं ये ट्रिक
पूरी तरह सूखे सिंघाड़ों को छोटे टुकड़ों में तोड़ लें। इसके बाद उन्हें मिक्सर-ग्राइंडर में थोड़ी-थोड़ी मात्रा में डालकर पीसें। एक साथ बहुत ज्यादा सिंघाड़े डालने से ब्लेड पर दबाव पड़ सकता है और आटा समान रूप से बारीक नहीं हो पाएगा। सिंघाड़ों को पहले हल्का दरदरा पीसें और फिर दोबारा चलाकर बारीक पाउडर तैयार करें। अगर आपको बिल्कुल बाजार जैसा महीन आटा चाहिए, तो तैयार पाउडर को बारीक छलनी से छान लें। जो मोटे टुकड़े बच जाएं, उन्हें दोबारा पीसकर छान सकते हैं।
आटे को ऐसे रखें सुरक्षित
तैयार सिंघाड़े के आटे को पूरी तरह ठंडा होने दें। इसके बाद इसे एक साफ और सूखे एयरटाइट कंटेनर में भरकर रखें। कंटेनर में नमी जाने से बचाएं और आटा निकालने के लिए हमेशा सूखे चम्मच का इस्तेमाल करें। अगर मौसम में नमी ज्यादा है, तो आटे को छोटे बैच में बनाना और जरूरत के अनुसार इस्तेमाल करना बेहतर हो सकता है।
घर का आटा क्यों है बेहतर विकल्प?
घर पर सिंघाड़े का आटा बनाने से आपको कच्चे सिंघाड़ों की गुणवत्ता और सफाई पर पूरा नियंत्रण रहता है। इससे बाजार में मिलने वाले संदिग्ध या खराब गुणवत्ता वाले आटे से बचने में मदद मिल सकती है। हालांकि, यह जरूरी है कि सिंघाड़े किसी भरोसेमंद स्रोत से खरीदे जाएं और उन्हें सही तरीके से सुखाकर ही पीसा जाए।
सावन के व्रत में अगर आप सिंघाड़े की पूड़ी, चीला या पराठा बनाने की तैयारी कर रहे हैं, तो इस बार बाजार से आटा खरीदने की बजाय घर पर ताजा आटा तैयार करके देखें। थोड़ी-सी मेहनत से तैयार किया गया यह आटा न सिर्फ ताजा होगा, बल्कि इसकी शुद्धता और गुणवत्ता को लेकर भी आपको ज्यादा भरोसा रहेगा।


