अयोध्या. राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने अपनी फाइनल रिपोर्ट श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सौंप दी है. रिपोर्ट सामने आने के बाद मामले में नया मोड़ आ गया है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, SIT की फाइनल रिपोर्ट में ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा का नाम शामिल नहीं है. ऐसे में माना जा रहा है कि दोनों को जांच में राहत मिल सकती है. हालांकि आधिकारिक तौर पर SIT या ट्रस्ट की ओर से रिपोर्ट के सभी बिंदुओं का खुलासा नहीं किया गया है.
चढ़ावा चोरी मामले को लेकर लंबे समय से चल रही जांच के बाद अब कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया है. SIT ने अपनी रिपोर्ट में जिन लोगों के खिलाफ आरोप पाए हैं, उनके खिलाफ आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की जा सकती है.
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ट्रस्ट की शिकायत के बाद शुरू हुई थी जांच
राम मंदिर में आने वाले चढ़ावे में कथित गड़बड़ी की शिकायत के बाद ट्रस्ट के अनुरोध पर उत्तर प्रदेश सरकार ने तीन सदस्यीय SIT का गठन किया था. लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत की अध्यक्षता वाली इस टीम में IG रेंज किरण एस. और विशेष सचिव (वित्त) नील रतन कुमार सदस्य थे. SIT ने 23 जून को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट शासन को सौंपी थी. इसके बाद 25 जून को अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि थाने में पहली FIR दर्ज की गई थी. मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम समेत भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया.
आठ आरोपियों के खिलाफ दर्ज हुई थी FIR
जांच के दौरान ट्रस्ट सदस्य कृष्णमेहन की शिकायत पर आठ लोगों को नामजद किया गया था. इनमें अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडेय, रमाशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और श्रीराम शंकर यादव उर्फ टिन्नू शामिल हैं. SIT जांच में आरोपियों से पूछताछ की गई. रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुछ आरोपियों ने चढ़ावे में आए रुपये की चोरी की बात स्वीकार की थी. इसके बाद कई लोगों की गिरफ्तारी भी हुई थी.
चंपत राय ने आरोपों से किया था इनकार
इस पूरे मामले में ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय का नाम भी चर्चा में आया था. हालांकि उन्होंने लगातार किसी भी तरह की संलिप्तता से इनकार किया था. उनका कहना था कि उन्होंने ही चढ़ावे में गड़बड़ी की शिकायत की थी और संदिग्धों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, SIT की फाइनल रिपोर्ट में उनका और ट्रस्ट सदस्य अनिल मिश्रा का नाम नहीं होने से उन्हें राहत मिलने की संभावना जताई जा रही है.
चढ़ावे की व्यवस्था में भी किया गया बदलाव
मामले के बाद राम मंदिर ट्रस्ट ने चढ़ावे की गिनती और प्रबंधन व्यवस्था में बदलाव किए हैं. अब चढ़ावे की गिनती के लिए समय निर्धारित किया गया है और प्रक्रिया को पहले से अधिक पारदर्शी बनाने की कोशिश की गई है.
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अब आगे क्या होगा?
SIT की अंतिम रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद अब आरोपियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई ट्रस्ट और जांच एजेंसियों के स्तर पर होगी. जांच रिपोर्ट के आधार पर आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट, कानूनी कार्रवाई और अन्य प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है. राम मंदिर जैसे धार्मिक स्थल से जुड़े इस मामले पर देशभर की नजर बनी हुई है. अब सभी की निगाहें इस बात पर हैं कि SIT रिपोर्ट के आधार पर आगे कौन-कौन से कदम उठाए जाते हैं.


