अयोध्या के राम मंदिर में दान की गई धनराशि की चोरी को लेकर जारी विवाद के बीच शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि हिंदुत्व का इस्तेमाल मंदिरों को लूटने के लिए किया जाएगा, तो देश का हिंदू समाज ऐसे लोगों को कभी माफ नहीं करेगा।
‘राम मंदिर आंदोलन में शिवसैनिकों का सबसे बड़ा योगदान’
उद्धव ठाकरे ने कहा कि सत्ता तक पहुंचने के लिए श्रीराम का नाम लिया गया, लेकिन आज उसी आस्था का अपमान हो रहा है। उन्होंने दावा किया कि राम मंदिर आंदोलन में शिवसेना और शिवसैनिकों का योगदान सबसे अधिक रहा। उन्होंने कहा कि शिवसैनिकों ने शिला पूजन, रथ यात्रा और कारसेवा में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कई कार्यकर्ताओं ने अपना खून बहाया और उस दौर में बालासाहेब ठाकरे हिंदुओं के साथ मजबूती से खड़े रहे।
‘शिवसेना को खत्म करने की कोशिश हुई’
ठाकरे ने कहा कि जिस व्यक्ति को सत्ता तक पहुंचाने के लिए उन्होंने संघर्ष किया, वही बाद में शिवसेना को खत्म करने पर उतर आया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री बनने के बाद शिवसेना को कमजोर करने की साजिश रची गई और पार्टी से उसका चुनाव चिह्न भी छीन लिया गया।
‘अयोध्या ट्रेलर था तो काशी-मथुरा का क्या होगा?’
बीजेपी के पुराने नारे ‘अयोध्या तो सिर्फ झांकी है, काशी-मथुरा बाकी है’ का जिक्र करते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि अगर अयोध्या में ही इस तरह के आरोप सामने आ रहे हैं, तो काशी और मथुरा का क्या होगा। उन्होंने दावा किया कि देश के कई प्रमुख मंदिरों में अनियमितताओं के आरोप लग चुके हैं। उन्होंने केदारनाथ, महाकाल और बद्रीनाथ से जुड़े कथित मामलों का भी उल्लेख करते हुए मंदिरों की संपत्तियों की सुरक्षा पर सवाल उठाए।
‘गर्व से कहो, हम हिंदू हैं’
अपने संबोधन में उद्धव ठाकरे ने कहा कि वह “गर्व से कहो, हम हिंदू हैं” वाले हिंदुत्व को फिर से स्थापित करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि भगवान राम के भक्त अन्याय को बर्दाश्त नहीं करेंगे। ठाकरे ने प्रतीकात्मक रूप से कहा कि उनके हाथ में आज भी “मशाल” है और अन्याय के खिलाफ उनकी लड़ाई जारी रहेगी।
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