विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद राजनीतिक चुनौतियों का सामना कर रही TMC को अब एक और बड़ा झटका लगा है. ममता बनर्जी की सबसे भरोसेमंद सहयोगियों में गिनी जाने वाली वरिष्ठ नेता चंद्रिमा भट्टाचार्य ने पार्टी के सभी संगठनात्मक पदों से इस्तीफा दे दिया. उन्होंने कहा कि पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी ने उनकी ईमानदारी और वफादारी पर सवाल उठाया, जिससे उन्हें गहरा दुख पहुंचा.

ममता बनर्जी का साथ छोड़ने के बाद चंद्रिमा भट्टाचार्य बागी गुट में पहुंच गईं. उन्होंने कहा कि पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी ने उन्हें फोन पर डांट भी लगाई और वफादारी पर सवाल उठाए थे.

पश्चिम बंगाल की सत्ता खोने के बाद ममता बनर्जी के सामने अब पार्टी पर कंट्रोल गंवाने का भी संकट पैदा हो गया है. TMC बागी गुट ने चुनाव आयोग के सामने पार्टी पर दावा कर दिया है. ये झटका अभी लगा था ही कि एक और झटका देते हुए टीएमसी चीफ चंद्रिमा भट्टाचार्य ने भी साथ छोड़ दिया है.

पश्चिम बंगाल की पूर्व मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने कहा कि उन्होंने हमेशा पार्टी और ममता बनर्जी के प्रति पूरी निष्ठा रखी, लेकिन जब उनकी ईमानदारी पर ही सवाल उठा तो उन्हें बहुत ही ज्यादा धक्का लगा, और इस वजह से उन्होंने पद छोड़ने का फैसला कर लिया.

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार भट्टाचार्य ने कहा कि शुक्रवार को TMC मुख्यालय ‘तृणमूल भवन’ में हुए घटनाक्रम के बाद ममता बनर्जी ने उन्हें फोन करते हुए कहा कि ‘आपने तृणमूल भवन उन्हें सौंप दिया.’ इसी बात का मुझे बहुत धक्का लगा कि ममता बनर्जी ने कहा कि मैंने पार्टी दफ्तर विद्रोही गुट को सौंप दिया.

चंद्रिमा ने आगे कहा कि उन्होंने हमेशा पार्टी और ममता बनर्जी के प्रति पूरी निष्ठा रखी, मैंने बहुत ही भारी मन से इस्तीफा देने का फैसला किया. अब दोबारा कालीघाट जाने का भी कोई सवाल ही नहीं रहा.

चंद्रिमा भट्टाचार्य को जून 2026 में TMC का पश्चिम बंगाल प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया था. उन्होंने ममता बनर्जी को भेजे अपने इस्तीफे में सिर्फ प्रदेश अध्यक्ष पद ही नहीं, बल्कि पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया.

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