सावन के दूसरे सोमवार को सिद्धपीठ बाबा जहर गिरी आश्रम में 11 हजार रुद्राक्षों से सजा पारदेश्वर शिवलिंग, हुआ एकादश रुद्री अभिषेक…….

अजय सैनी भिवानी।
स्थानीय हालूवास गेट स्थित सिद्धपीठ बाबा जहरगिरी आश्रम में सावन के दूसरे सोमवार के पावन अवसर पर विशेष धार्मिक आयोजन किया गया। आश्रम पीठाधीश्वर अंतरराष्ट्रीय श्री महंत डॉ. अशोक गिरी महाराज के द्वारा आश्रम में स्थापित हरियाणा के एकमात्र पारदेश्वर शिवलिंग का विधि-विधान से एकादश रुद्री द्वारा अभिषेक किया गया। इस अवसर पर पारद शिवलिंग का 11 हजार रुद्राक्षों से भव्य श्रृंगार किया गया।

रुद्राक्षों से सजे पारदेश्वर शिवलिंग के दिव्य स्वरूप के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह रहा। वैदिक मंत्रोच्चारण और हर-हर महादेव के जयघोष से पूरा आश्रम भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालुओं ने शिवलिंग के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और परिवार की सुख-शांति एवं समृद्धि की कामना की।

इस अवसर पर श्री महंत डॉ. अशोक गिरी महाराज ने कहा कि शिव आराधना बच्चों में संस्कारों के साथ राष्ट्रसेवा की भावना जगाने का माध्यम है। बच्चों को बचपन से ही अच्छे संस्कार, अनुशासन, सेवा और सकारात्मक सोच से जोड़ना समाज की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि पूजा-पाठ, मंत्र जाप और ध्यान जैसी गतिविधियां बच्चों को मन की शांति तथा एकाग्रता की ओर प्रेरित कर सकती हैं।

उन्होंने बताया कि भगवान शिव की आराधना बच्चों को धैर्य, विनम्रता, सेवा, बड़ों के सम्मान और भारतीय संस्कृति से जुड़ने की प्रेरणा देती है। धार्मिक एवं सामाजिक गतिविधियों से बच्चों को जोड़ने का उद्देश्य उनके भीतर समाज और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी तथा सेवा-समर्पण की भावना को मजबूत करना होना चाहिए।

इस अवसर पर महंत डॉ. अशोक गिरी महाराज ने कहा कि हमारे युवा और बच्चे सदैव राष्ट्र के लिए सेवा एवं समर्पण की भावना से कार्य करते रहें, यही हमारी सच्ची कामना है। उन्होंने अभिभावकों से भी आह्वान किया कि वे बच्चों को शिक्षा के साथ संस्कार, सेवा और संस्कृति से जोड़ने का प्रयास करें।