इंडिया का पड़ोसी देश बांग्लादेश के साथ काफी समय से इंटरनेशनल बॉर्डर पर कटीले तारों की बाड़ लगाने को लेकर विवाद जारी है. इसी बीच बांग्लादेश पहली बार म्यांमार बॉर्डर पर 108 KM. लंबी कटीले तारों की बाड़ लगाने जा रहा है. बांग्लादेश सरकार ने इस फैसले के पीछे म्यांमार से लगने वाली सीमा के करीबी इलाकों में होने वाले अवैध घुसपैठ, सीमा पार अपराध और तस्करी को मुख्य कारण बताया है.
वहीं बांग्लादेश अपना दोहरा चेहरा उजागर करते हुए भारत के पश्चिम बंगाल में बाड़ लगाने का विरोध कर रहा है. बांग्लादेश की तारिक रहमान सरकार ने ऐलान किया है कि वह म्यांमार सीमा पर 108 किमी लंबा बाड़ लगाएगा.
बांग्लादेश ने अपनी स्वतंत्रता के बाद से कभी भी अपने किसी पड़ोसी देश के साथ लगी सीमा पर बाड़ नहीं लगाई है. बांग्लादेश सरकार ने कहा है कि म्यांमार से सटे इलाकों में अवैध प्रवेश सीमा पार अपराध और तस्करी होती है. एक जापानी न्यूज पेपर के अनुसार बांग्लादेश 271 किमी की सीमा पर 108 किमी के इलाके में कंटीले तारों का बाड़ लगाएगी.
बांग्लादेश पश्चिम बंगाल से लेकर उत्तर पूर्वी राज्यों तक भारत की तरफ से बाड़ लगाने का विरोध करता आ रहा है. इसके अलावा बांग्लादेश को म्यांमार के रखाइन प्रांत में अराकान आर्मी का शासन है और रोहिंग्या मुस्लिमों को लेकर बांग्लादेश के साथ उसका तनाव है, जिसे लेकर भी अस्थिरता का डर सता रहा है.
ऐसा पहली बार हो रहा है जब बांग्लादेश ने सीमा पर बाड़ लगाने की घोषणा की है. इसके साथ ही बांग्लादेश सीमावर्ती सड़कों, ड्रोन, और नाइट-विजन कैमरों से निगरानी बढ़ाने जा रहा है.
हालांकि, म्यांमार सीमा पर बाड़ लगाने का ऐलान सबसे पहले पिछले महीने बांग्लादेश के गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद ने किया था. गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद ने कहा था कि इस बाड़ की मदद से अवैध घुसपैठ, सीमापार अपराध और तस्करी को रोका जा सकेगा.
वही, जब इंडिया अपने क्षेत्र की सुरक्षा, अवैध घुसपैठ पर रोक और नशीले पदार्थों से लेकर हथियारों की तस्करी को कारण बता जब यही कदम उठाता है, तो बांग्लादेश अपना दोहरा चरित्र उजागर करते हुए विरोध करता है.
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