Bangladeshi Infiltrators Stampede Ahead of Bakrid: पश्चिम बंगाल में बीजेपी सरकार बनने के 15 दिन के अंदर बांग्लादेशी घुसपैठियों और रोहिंग्या मुसलमानों के खिलाफ बड़ा एक्शन शुरू हो गया है। सीएम सुवेंदु अधिकारी (CM Suvendu Adhikari) बांग्लादेशी घुसपैठियों को बिलकुल भी बख्शने के मूड में नहीं है। बंगाल सीएम की ‘डिटेक्ट, डिलीट एंड डिपोर्ट’ पॉलिसी (Detect, Delete and Deport policy) से घुसपैठियों में हड़कंप मचा दिया है। इसके ऐलान के बाद बकरीद से पहले बांग्लादेशी घुसपैठियों में भगदड़ मच गई है। ‘डिटेक्ट, डिलीट एंड डिपोर्ट’ पॉलिसी का यह असर है कि बांग्लादेशी घुसपैठिए बांग्लादेश भागने में जुट गए हैं। इस निति का असर के कारण बांग्लादेश से लगने वाले सीमा पर बड़ी संख्या में बांग्लादेशी घुसपैठियों की भीड़ उमड़ पड़ी है। यह दृश्य राज्य के 24 परगना से से लेकर मालदा तक दिख रहा है।
उत्तर 24 परगना के बशीरहाट सब डिवीजन में स्थित हकीमपुर चेकपॉइंट पर अवैध बांग्लादेशियों की भीड़ है। यह भीड़ वापस बांग्लादेश लौटना चाहती है। य़ही स्थिति हकीमपुर चेकपॉइंट पर भी देखने को मिल रही है। बड़ी संख्या में बांग्लादेशी घुसपैठिए अपने देश बांग्लादेश जाने की इंतजार मे हैं।
इधर बंगाल सीएम सुवेंदु अधिकारी ने एक बार फिर बांग्लादशियों को बंगाल छोड़कर जाने की चेतावनी दी है। सीएम सुवेंदु ने कहा कि जल्दी-जल्दी भागो। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बांग्लादेशियों को उनके देश जल्द भेजा जाए। सुवेंदु अधिकारी ने कहा हम जेल में उन्हें खाना नहीं खिलाना चाहते, हम उन पर पैसे क्यों बर्बाद करें? शुभेंदु अधिकारी ने आगे कहा कि अन्नपूर्णा भंडार के फॉर्म जारी करेंगे। बीएसएफ के सीनियर अधिकारियों के साथ हाल ही में हुई एक मीटिंग में बोलते हुए सीएम ने कहा कि जो लोग नागरिकता (संशोधन) अधिनियम के दायरे से बाहर हैं। उन्हें अवैध घुसपैठिया माना जाएगा। उन्हें पुलिस गिरफ्तार करके बीएसएफ को सौंप देगी।

मंत्री दिलीप घोष ने कहा, ‘बांग्लादेशी यहां क्यों रहें? वो केंद्र सरकार द्वारा दी गई हर सुविधा का लाभ उठा रहे हैं। वो गरीबों के लिए बनाई गई कल्याणकारी योजनाओं से फायदा उठा रहे हैं। उन्हें नागरिकता देकर, वोटर आईडी और आधार कार्ड जारी करके और मतदाता के रूप में पंजीकृत करके, यहां उनके वोट मांगे जा रहे थे। ऐसे लोगों की पहचान करके उन्हें अलग किया जाएगा। गृह मंत्री पहले ही घोषणा कर चुके हैं कि उन्हें वापस भेज दिया जाएगा।

होल्डिंग सेंटर की सुरक्षा भी कड़ी
बंगाल में जैसे-जैसे सीमा चौकियों के पास भीड़ जमा हो रही है। इसके साथ ही होल्डिंग सेंटर की सुरक्षा भी कड़ी हो रही है। पश्चिम बंगाल का घुसपैठ-रोधी अभियान अब सख़्त कार्रवाई वाले चरण में पहुंचती नजर आ रही है। आने वाले हफ्तों में और भी लोगों को हिरासत में लिए जाने, उनकी पहचान की जांच और उन्हें वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है।
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