Business Desk – Banking Sector Stocks Crash : सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार (20 जुलाई) को शेयर बाजार की शुरुआत कमजोरी के साथ हुई. बाजार खुलते ही व्यापक स्तर पर बिकवाली देखने को मिली, हालांकि कुछ चुनिंदा शेयरों में खरीदारी भी रही. सोमवार के कारोबार में सबसे ज्यादा दबाव बैंकिंग सेक्टर पर रहा.

पहली तिमाही के नतीजों के बाद HDFC Bank, Axis Bank और Kotak Mahindra Bank के शेयरों में तेज बिकवाली देखने को मिली. शुरुआती कारोबार में HDFC Bank और Axis Bank के शेयर करीब 5% तक टूट गए, जबकि Kotak Mahindra Bank में करीब 3% की गिरावट दर्ज की गई. इन तीनों बैंकों का सेंसेक्स और निफ्टी में बड़ा वेटेज होने के कारण पूरे बाजार पर इसका सीधा असर पड़ा. हालांकि ICICI Bank के शेयर करीब 1% की बढ़त के साथ कारोबार करते दिखे, जिससे बैंकिंग इंडेक्स को कुछ सहारा मिला.
PSU बैंकों में खरीदारी, PNB और SBI में तेजी
जहां निजी बैंकों के शेयर दबाव में रहे, वहीं सरकारी बैंकों में खरीदारी देखने को मिली. पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के पहली तिमाही के नतीजों को बाजार ने सकारात्मक माना, जिसके बाद उसके शेयरों में शुरुआती कारोबार के दौरान करीब 5% की तेजी दर्ज की गई. वहीं स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के शेयर भी 1% से अधिक की बढ़त के साथ कारोबार करते दिखाई दिए. इससे संकेत मिला कि निवेशक बेहतर तिमाही नतीजे देने वाले बैंकों पर दांव लगा रहे हैं.
रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर भी फोकस में रहे
तिमाही नतीजों के बाद सोमवार के कारोबार में रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर भी निवेशकों की नजर में रहे. शुरुआती कारोबार में कंपनी के शेयर करीब 1% की बढ़त के साथ कारोबार करते दिखे. बैंकिंग शेयरों में भारी बिकवाली के बीच रिलायंस में आई खरीदारी ने बाजार को कुछ हद तक सहारा देने की कोशिश की. विश्लेषकों का मानना है कि रिलायंस के ऊर्जा और रिटेल कारोबार को लेकर निवेशकों का भरोसा बना हुआ है, हालांकि बैंकिंग सेक्टर की बड़ी गिरावट के सामने इसका असर सीमित रहा.
निफ्टी के लिए 24,200 का स्तर अहम
तकनीकी विश्लेषकों के मुताबिक, निफ्टी के लिए 24,200 का स्तर फिलहाल अहम सपोर्ट है. सोमवार को इंडेक्स इसके नीचे फिसलता दिखाई दिया, जिससे बाजार में कमजोरी के संकेत मिले. यदि निफ्टी इस स्तर के नीचे टिकता है, तो बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है. इंडेक्स 24,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर तक जा सकता है. वहीं, यदि बाजार में रिकवरी आती है तो 24,300 का स्तर निकट अवधि में प्रमुख रेजिस्टेंस रहेगा. इस स्तर के ऊपर टिकने पर ही बाजार में मजबूती के संकेत मिल सकते हैं.
इन फैक्टर्स पर रहेगी निवेशकों की नजर
विश्लेषकों का कहना है कि आने वाले दिनों में बाजार की दिशा काफी हद तक कॉरपोरेट अर्निंग सीजन तय करेगा. निवेशकों की नजर बजाज ऑटो, आईटी कंपनियों और अन्य बड़ी कंपनियों के तिमाही नतीजों पर रहेगी. इसके अलावा विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की गतिविधियां, बैंकिंग सेक्टर का प्रदर्शन और वैश्विक बाजारों का रुख भी घरेलू शेयर बाजार की चाल तय करने में अहम भूमिका निभाएगा.
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि कई कंपनियों के अच्छे नतीजे आने के बावजूद यदि वे बाजार की उम्मीदों पर खरे नहीं उतरते हैं, तो निवेशकों की मुनाफावसूली जारी रह सकती है. ऐसे में निकट अवधि में शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना है.


