कुंदन कुमार, पटना। बिहार की सियासत में बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के परिणाम ने इस सीट पर मिली हार के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के भीतर मंथन और समीक्षा का दौर शुरू हो गया है। पार्टी की हार के कारणों को तलाशने के लिए आज एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक बुलाई गई है, जिसमें कई बड़े नेता और रणनीतिकार शामिल हो रहे हैं। दूसरी ओर, इस चुनावी नतीजे को लेकर बयानों के तीर भी खूब चल रहे हैं। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने विपक्षी दलों पर जमकर निशाना साधा है और इस हार के सियासी मायने पर खुलकर बात की है।
भाजपा की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक: कहां हुई चूक?
बांकीपुर उपचुनाव में मिली करारी शिकस्त के बाद भाजपा ने आत्ममंथन की प्रक्रिया तेज कर दी है। आज आयोजित हो रही इस बैठक में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, प्रदेश अध्यक्ष सहित कई केंद्रीय मंत्री और पार्टी के दिग्गज नेता मौजूद हैं।
इस बैठक का मुख्य उद्देश्य उन तमाम कारणों को टटोलना है, जिनके चलते भाजपा को इस गढ़ में हार का सामना करना पड़ा। पार्टी यह आकलन कर रही है कि चुनाव प्रचार या संगठन के स्तर पर कहां चूक हुई है। इसके साथ ही, शक्ति केंद्र से लेकर हर एक मतदान केंद्र (बूथ) के मतदान रुझानों का सूक्ष्म विश्लेषण किया जा रहा है, ताकि कमियों को दूर करके भविष्य की रणनीतियों को मजबूत किया जा सके।
गिरिराज सिंह का बड़ा दावा: राजद और जनसुराज पर मिलीभगत का आरोप
चुनाव परिणामों के बाद केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने मीडिया के सामने आकर राजद और जनसुराज पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि इन दोनों दलों के बीच पहले से ही ‘मैच फिक्स’ था।
गिरिराज सिंह ने कहा कि तेजस्वी यादव और प्रशांत किशोर भले ही सार्वजनिक रूप से एक-दूसरे पर बयानबाजी करते रहे हों, लेकिन अंदरखाने दोनों की मिलीभगत थी। उन्होंने पूरे दावे के साथ कहा कि आने वाले समय में ये दोनों दल मिलकर काम करते हुए नजर आएंगे। उन्होंने विपक्ष की खुशी पर सवाल उठाते हुए कहा कि जनता के फैसले का सम्मान किया जाना चाहिए, लेकिन कांग्रेस पार्टी जिस तरह प्रशांत किशोर की जीत पर जश्न मना रही है, वह समझ से परे है, क्योंकि मैदान में कांग्रेस का कोई उम्मीदवार तक नहीं था और उनका सहयोगी दल राजद इस मुकाबले में तीसरे स्थान पर खिसक गया।
प्रशांत किशोर पर तीखा तंज और 2025 के आंकड़ों का जिक्र
केंद्रीय मंत्री ने जनसुराज के प्रमुख प्रशांत किशोर को आड़े हाथों लेते हुए साल 2025 के विधानसभा चुनावों की याद दिलाई। उन्होंने चुनौती भरे लहजे में पूछा कि बिहार की कुल 243 विधानसभा सीटों में से 138 सीटों पर प्रशांत किशोर की पार्टी की क्या स्थिति रही थी? जब वे उन सीटों पर एक भी जीत दर्ज नहीं कर पाए, तो उन्हें बांकीपुर की जनता के फैसले पर इतना घमंड नहीं करना चाहिए।
गिरिराज सिंह ने यह भी स्वीकार किया कि राजनीति में गलतियां हो सकती हैं और यदि जनता ने किसी गलती की सजा दी है, तो भाजपा उसे खुले मन से स्वीकार करती है। उन्होंने प्रशांत किशोर द्वारा बांकीपुर को ‘बेंगलुरु’ बनाने के दावों पर भी कटाक्ष किया और कहा कि भाजपा ने ऐसा कोई भ्रामक बयान कभी नहीं दिया था, बल्कि एक झूठा नैरेटिव गढ़ा गया था। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अब वे भी देखेंगे कि प्रशांत किशोर किस प्रकार बांकीपुर को बेंगलुरु में बदलते हैं।


