बराड़ा के व्यस्त महाराणा प्रताप चौक पर बिजली ट्रांसफार्मर में शॉर्ट सर्किट होने से नीचे खड़ी चार रेहड़ियों में भीषण आग लग गई, जिससे करीब ढाई लाख का नुकसान हुआ है।
अनिल शर्मा,अंबाला। बराड़ा कस्बे के सबसे व्यस्त और संवेदनशील माने जाने वाले महाराणा प्रताप चौक पर बीती रात बिजली के ट्रांसफार्मर में हुए शॉर्ट सर्किट के कारण एक बड़ा हादसा हो गया। चौक पर लगे बिजली के ट्रांसफार्मर में अचानक जोरदार शॉर्ट सर्किट हुआ, जिससे निकली चिंगारियों के कारण नीचे और आसपास खड़ी अवैध रेहड़ियों में भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते कुछ ही मिनटों में वहां खड़ी चार रेहड़ियां जलकर पूरी तरह राख हो गईं। इस हादसे में रेहड़ी संचालक बब्बू का फल, इलेक्ट्रॉनिक कांटे और कैमरे सहित करीब ढाई लाख रुपये का कीमती सामान जलकर पूरी तरह नष्ट हो गया।
पहले भी हो चुके हैं हादसे
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार रात के समय अचानक ट्रांसफार्मर से चिंगारियां निकलीं और नीचे खड़ी रेहड़ियों ने आग पकड़ ली। मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने तुरंत आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक लपटें विकराल रूप ले चुकी थीं जिससे अफरा-तफरी मच गई। गनीमत यह रही कि हादसे के समय वहां भीड़ नहीं थी, वरना बड़ा जानलेवा हादसा हो सकता था। इसके बाद सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू पाया। स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे पहले भी गर्मियों के मौसम में ट्रांसफार्मर से शॉर्ट सर्किट और आग लगने की घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन विभाग ने स्थायी समाधान नहीं किया।
अवैध वसूली के आरोप और सवाल
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि चौक और बाजार में जगह-जगह अवैध रेहड़ियों का जाल फैल चुका है। बाजार में दुकानों के आगे रेहड़ियां खड़ी करवाकर कुछ लोगों ने इसे “वसूली का कारोबार” बना लिया है। आरोप है कि सड़क के पीछे की जगह से जुड़े कुछ लोग रेहड़ी चालकों से हर महीने पैसा वसूलते हैं और बदले में उन्हें वहीं अवैध कब्जा करने दिया जाता है। यही कारण है कि कार्रवाई के नाम पर केवल खानापूर्ति होती रही। व्यस्त मार्ग होने के बावजूद सड़क के किनारे और बिजली ट्रांसफार्मर के नीचे रेहड़ियां लगने से न केवल जाम की स्थिति बनती है बल्कि नगर पालिका, पुलिस और बिजली विभाग की भूमिका भी शक के घेरे में है।
बाजार से अतिक्रमण हटाने की मांग
क्षेत्रवासियों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करवाने, ट्रांसफार्मर के नीचे से तुरंत अतिक्रमण हटाने और अवैध वसूली करने वालों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन अब भी नहीं जागा तो अगली बार यह प्रशासनिक लापरवाही किसी निर्दोष की जान भी ले सकती है। बराड़ा के मेन चौक के पास धधकती यह आग अब केवल रेहड़ियों तक सीमित नहीं रही, बल्कि पूरी व्यवस्था पर भी बड़े सवाल खड़े कर रही है। अब स्थानीय निवासियों को इंतजार है कि प्रशासन के जिम्मेदार अफसर इन अवैध रेहड़ी संचालकों और उनके पीछे बैठे संरक्षकों पर कब और क्या कड़ा एक्शन लेते हैं।

