बरेली क्लब में रक्षाबंधन से एक दिन पहले मेयर उमेश गौतम और उनके बेटे पार्थ गौतम की ओर से कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं पहुंचीं. भीड़ के बीच कई महिलाओं के बेहोश होने और बच्चों के गुम होने की घोषणाओं की बात सामने आई, जबकि साड़ी लेने के लिए महिलाएं डीसीएम के पीछे दौड़ती नजर आईं.

बरेली. रक्षाबंधन से एक दिन पहले बरेली क्लब में मेयर उमेश गौतम और उनके बेटे पार्थ गौतम की ओर से रक्षाबंधन कार्यक्रम आयोजित किया गया. इसमें बड़ी संख्या में महिलाएं पहुंचीं, जिसके बाद भीड़ और व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठे.

कार्यक्रम के दौरान अत्यधिक भीड़ और घुटन के कारण कई महिलाओं के बेहोश होने की बात सामने आई. मंच से कुछ बच्चों के गुम होने की घोषणाएं भी की जाती रहीं. भीड़ का असर बरेली क्लब के आसपास की सड़कों पर भी पड़ा और यातायात प्रभावित होने के साथ जाम की स्थिति बन गई.

वापसी की व्यवस्था पर सवाल

कार्यक्रम में पहुंची महिलाओं ने आरोप लगाया कि उन्हें आयोजन स्थल तक लाने के लिए बसों की व्यवस्था की गई थी, लेकिन कार्यक्रम समाप्त होने के बाद वापस जाने के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए.

कुछ महिलाओं ने यह भी कहा कि उन्होंने मेयर उमेश गौतम और उनके बेटे पार्थ को राखी बांधी, लेकिन इसके बदले उन्हें उपहार के तौर पर साड़ी या लिफाफा नहीं मिला.

साड़ी के लिए दौड़ी महिलाएं

साड़ी वितरण के लिए कैंट रोड पर एक डीसीएम गाड़ी भेजी गई थी. डीसीएम के वहां पहुंचते ही उसके आसपास महिलाओं की भारी भीड़ जमा हो गई. भीड़ बढ़ती देखकर डीसीएम पर सवार लोग गाड़ी लेकर वहां से निकल गए.

इसके बाद कई महिलाएं साड़ी मिलने की उम्मीद में डीसीएम के पीछे दौड़ती दिखाई दीं. इस पूरी घटना का वीडियो भी सामने आया है.

पार्थ गौतम ने दी सफाई

पार्थ गौतम ने कहा कि शुरुआत में महिलाओं को लाइन में लगाने में थोड़ी परेशानी हुई थी, लेकिन बाद में स्थिति सामान्य हो गई. उन्होंने कहा कि अगर किसी को कोई परेशानी हुई है तो वह उनकी मदद के लिए खड़े हैं.