लोक निर्माण एवं जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री रणबीर गंगवा ने बरवाला क्षेत्र के पशुपालकों और गौवंश की भलाई के लिए एक नया कदम उठाया है। उन्होंने बरवाला में नया सरकारी पशु चिकित्सालय स्थापित करने के लिए राज्य सरकार को एक लिखित प्रस्ताव भेजा है।

काजल, हिसार। लोक निर्माण एवं जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री रणबीर गंगवा ने बरवाला में नया सरकारी पशु चिकित्सालय स्थापित करने के लिए सरकार को प्रस्ताव भेजा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस दिशा में जल्द ही सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा। कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा ने कहा कि बरवाला क्षेत्र में बड़ी संख्या में गौवंश की देखभाल की जा रही है, लेकिन वर्तमान में वहां कोई सरकारी पशु चिकित्सालय उपलब्ध नहीं है। ऐसे में गौवंश के बेहतर उपचार और संरक्षण के लिए यह सुविधा अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने अपने प्रस्ताव में बताया कि बरवाला में चार प्रमुख गौशालाएं संचालित हैं, जिनमें श्री गौरक्षा सेवा समिति (अग्रोहा रोड), गोपाल गौशाला (टोहाना रोड), नंदी गौशाला तथा विकलांग गौशाला (बनभौरी रोड) शामिल हैं।

गौशालाओं को मिलेगी बड़ी राहत

इन सभी गौशालाओं में लगभग तीन हजार गौवंश का सुचारू रूप से पालन-पोषण एवं उपचार किया जा रही है। विशेष रूप से विकलांग गौशाला में घायल एवं दिव्यांग गौवंश का नियमित रूप से उपचार किया जाता है, जिसके लिए आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं की आवश्यकता लगातार बनी रहती है। कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा ने कहा कि सरकारी पशु चिकित्सालय के अभाव में वर्तमान में इन गौशालाओं को उपचार संबंधी अनेक व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में बरवाला में एक समर्पित सरकारी पशु चिकित्सालय की स्थापना होने से न केवल इन सामाजिक गौशालाओं को बड़ा लाभ मिलेगा, बल्कि आसपास के ग्रामीण पशुपालकों को भी अपने पशुओं के लिए बेहतर चिकित्सा सेवाएं आसानी से उपलब्ध हो सकेंगी।

भवन के लिए लिखित सहमति

इस महत्वपूर्ण जनहित योजना को धरातल पर उतारने के लिए श्री गौरक्षा सेवा समिति, बरवाला ने नए सरकारी पशु चिकित्सालय के तत्काल संचालन के लिए आवश्यक भवन एवं उचित स्थान उपलब्ध कराने की अपनी लिखित सहमति भी प्रशासन को दे दी है। इस सहयोग के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि विभाग की तरफ से अस्पताल को मंजूरी मिलने की कागजी प्रक्रिया बेहद तेज हो जाएगी। मंत्री ने विश्वास दिलाया है कि वे खुद इस मामले की लगातार निगरानी कर रहे हैं ताकि इस ग्रामीण क्षेत्र के बीमार पशुओं को समय पर उचित इलाज मिल सके और पशुपालकों को निजी डॉक्टरों के महंगे इलाज से पूरी तरह से मुक्ति मिल सके।