Bastar News Update : दंतेवाड़ा. बस्तर में एक बार फिर संसाधनों के दोहन को लेकर सवाल उठने लगे हैं. सरकार जहां नक्सल मुक्त बस्तर और औद्योगिक विकास की बात कर रही है, वहीं बस्तर का लौह अयस्क और पानी दूसरे राज्यों के उद्योगों की ताकत बन रहा है. किरंदुल की खदानों से रोजाना हजारों टन लौह अयस्क स्लरी पाइपलाइन के जरिए बाहर भेजा जा रहा है. साथ ही शबरी नदी और मदाड़ी नाले का पानी भी बड़े औद्योगिक प्रोजेक्ट में उपयोग हो रहा है. बताया जा रहा है कि आंध्रप्रदेश में लगने वाला विशाल स्टील प्लांट देश के सबसे बड़े संयंत्रों में शामिल होगा. इधर बस्तर के युवाओं का सवाल है कि जब संसाधन यहां के हैं, तो रोजगार और उद्योग बाहर क्यों जा रहे हैं. स्थानीय लोगों का आरोप है कि इससे क्षेत्र के हजारों युवाओं की रोजगार संभावनाएं प्रभावित हुई हैं. ग्रामीणों ने यह भी दावा किया कि खनन और अपशिष्ट से खेती और नदी-नाले प्रभावित हो रहे हैं. लोगों का कहना है कि बस्तर केवल कच्चा माल देने वाला इलाका बनकर रह गया है. रॉयल्टी और औद्योगिक लाभ का बड़ा हिस्सा दूसरे राज्यों को मिलने का भी मुद्दा उठ रहा है. अब मांग उठ रही है कि दक्षिण बस्तर में ही बड़ा इस्पात संयंत्र स्थापित कर स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता दी जाए. स्थानीय संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि बस्तर के हितों की अनदेखी हुई तो आंदोलन तेज किया जाएगा.

जंगल में मिला 5 किलो का प्रेशर कुकर आईईडी

दंतेवाड़ा. नक्सल प्रभावित इलाके में सुरक्षा बलों ने बड़ी साजिश नाकाम कर दी. बारसूर थाना क्षेत्र के हिड़पाल जंगल में सर्चिंग के दौरान जवानों को संदिग्ध वस्तु दिखाई दी. जांच में यह करीब 5 किलो वजनी प्रेशर कुकर आईईडी निकला. नक्सलियों ने इसे जवानों और ग्रामीणों को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से छिपाकर रखा था. ऑपरेशन में सीआरपीएफ की 195वीं वाहिनी, बीडीडीएस टीम और जिला पुलिस शामिल रही. अभियान का नेतृत्व सहायक कमांडेंट संजीव कुमार यादव ने किया. विशेषज्ञ टीम ने मौके पर ही आईईडी को सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय किया. सुरक्षा बलों की सतर्कता से संभावित बड़ा हादसा टल गया. घने जंगल और पहाड़ी क्षेत्र में लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है. जवानों ने इलाके में नक्सली गतिविधियों के अन्य सुराग भी तलाशे. पुलिस ने ग्रामीणों से किसी भी संदिग्ध वस्तु की सूचना तुरंत देने की अपील की है. अधिकारियों का कहना है कि नक्सल उन्मूलन अभियान लगातार जारी रहेगा. सुरक्षा एजेंसियां अब अंदरूनी इलाकों में और अधिक सतर्कता के साथ अभियान चला रही हैं.

कागजों में विकास, जमीन पर गंदगी

बीजापुर. टलनार पंचायत में विकास कार्यों को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है. ग्रामीणों ने रनिंग वाटर स्टैंड निर्माण में लाखों रुपये के गबन का आरोप लगाया है. पंचायत रिकॉर्ड में पांच वाटर स्टैंड का निर्माण दिखाकर 2 लाख 61 हजार रुपये खर्च बताए गए हैं. लेकिन गांव में मौके पर केवल दो स्टैंड ही दिखाई दे रहे हैं. ग्रामीण पूछ रहे हैं कि बाकी तीन स्टैंड आखिर कहां गायब हो गए. दस्तावेजों के अनुसार प्रति स्टैंड 50 हजार रुपये से ज्यादा का भुगतान किया गया. ग्रामीणों ने इसे “कागजी विकास” बताते हुए प्रशासन पर सवाल उठाए हैं. मौजूद स्टैंड्स के आसपास भी भारी गंदगी और कीचड़ फैला हुआ है. निकासी व्यवस्था नहीं होने से महिलाएं गंदे पानी के बीच पानी भरने को मजबूर हैं. ग्रामीणों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच की मांग की है. आरोप है कि सरकारी राशि की बंदरबांट कर गांव को सुविधाओं से वंचित रखा गया. लोगों का कहना है कि लाखों खर्च होने के बावजूद हालात बदहाल हैं. अब ग्रामीण दोषियों पर कार्रवाई और राशि की जांच की मांग कर रहे हैं.

रेस्टोरेंट तक पहुंची चापड़ा चटनी की खटास

बस्तर. बस्तर की पारंपरिक चापड़ा चटनी अब स्थानीय स्वाद से निकलकर होटल मीनू तक पहुंच गई है. भीषण गर्मी में भी लोग लाल चींटी से बनने वाली इस चटनी को बड़े चाव से खा रहे हैं. वनांचल में इसे औषधीय गुणों वाला भोजन भी माना जाता है. स्थानीय लोग बुखार और कमजोरी में भी इसका सेवन करते रहे हैं. चापड़ा को अंग्रेजी में रेड एंट कहा जाता है और इसमें फार्मिक एसिड पाया जाता है. ग्रामीण जंगलों से इसके घोंसले एकत्र कर बाजारों में बेच रहे हैं. जगदलपुर के बाजारों में रोज हजारों रुपये का कारोबार होने की बात सामने आई है. अब कई होटल संचालक भी इसे अपने मीनू में शामिल कर ग्राहकों को परोस रहे हैं. इससे वनांचल के कई ग्रामीणों को रोजगार भी मिल रहा है. हालांकि पर्यावरण प्रेमियों ने इसके अत्यधिक दोहन पर चिंता जताई है. विशेषज्ञों का कहना है कि लाल चींटियां पेड़-पौधों को कीटों से बचाने में मदद करती हैं. ऐसे में संतुलित उपयोग और संरक्षण दोनों जरूरी बताए जा रहे हैं. बस्तर की यह पारंपरिक चटनी अब पहचान और रोजगार दोनों का माध्यम बनती जा रही है.

अपोलो अस्पताल में नई स्वास्थ्य सुविधाओं पर सवाल 

दंतेवाड़ा. बचेली के बैलोअप अपोलो अस्पताल में नई स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर सवाल उठने लगे हैं. हाल ही में अस्पताल में डायलिसिस और सीटी स्कैन यूनिट शुरू की गई थी. स्थानीय लोगों को उम्मीद थी कि अब गंभीर मरीजों को बाहर नहीं जाना पड़ेगा. लेकिन आरोप है कि फिलहाल निजी मरीजों को इन सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा. कई मरीजों को रायपुर, हैदराबाद और विशाखापट्टनम रेफर किया जा रहा है. किडनी मरीजों के परिजनों का कहना है कि समय पर डायलिसिस नहीं मिलने से खतरा बढ़ रहा है. अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि शुल्क निर्धारण की प्रक्रिया पूरी होने में देरी हुई. प्रबंधन ने दावा किया कि जल्द ही निजी मरीजों के लिए भी सुविधा शुरू कर दी जाएगी. स्थानीय लोगों का आरोप है कि बड़े दावों के बावजूद आम लोगों को राहत नहीं मिल रही. जिला अस्पताल की यूनिट बंद होने से परेशानी और बढ़ गई है. मरीजों का सवाल है कि मशीनें मौजूद होने के बावजूद इलाज में देरी क्यों हो रही है. क्षेत्र के लोग अब स्वास्थ्य सेवाओं में समान सुविधा की मांग कर रहे हैं. लोगों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि आम मरीजों को राहत कब मिलेगी.

घूम-घूमकर सट्टा खिलाने वाला आरोपी गिरफ्तार

दंतेवाड़ा.  दंतेवाड़ा पुलिस ने अवैध जुआ-सट्टा के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है. चुड़ीटिकरापारा इलाके में एक व्यक्ति के घूम-घूमकर सट्टा खिलाने की सूचना मिली थी. सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने इलाके में घेराबंदी की. कार्रवाई के दौरान आरोपी सूरज मिश्रा को पकड़ लिया गया. तलाशी में उसके पास से सट्टा पट्टी और नकदी बरामद हुई. पुलिस ने आरोपी के खिलाफ जुआ प्रतिषेध अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है. पूरी कार्रवाई थाना प्रभारी धनंजय सिन्हा के नेतृत्व में हुई. पुलिस का कहना है कि जिले में अवैध गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है. अभियान के तहत सट्टा, जुआ और असामाजिक तत्वों पर कार्रवाई जारी रहेगी. स्थानीय लोगों से भी संदिग्ध गतिविधियों की सूचना देने की अपील की गई है. पुलिस का दावा है कि अपराध पर नियंत्रण के लिए नियमित अभियान चलाए जा रहे हैं. अधिकारियों ने कहा कि युवाओं को ऐसे अवैध कार्यों से दूर रहना चाहिए. जिले में कानून व्यवस्था मजबूत रखने के लिए निगरानी बढ़ाई गई है.

बिजली और मोबाइल नेटवर्क से नाराज लोगों ने किया चक्का जाम

कांकेर. लगातार बिजली कटौती और खराब मोबाइल नेटवर्क से परेशान लोगों का गुस्सा सड़क पर दिखा. सैकड़ों नागरिकों और व्यापारियों ने फॉरेस्ट नाका में शांतिपूर्ण चक्का जाम किया. लोगों का कहना है कि लंबे समय से लो वोल्टेज और नेटवर्क समस्या बनी हुई है. भीषण गर्मी में बिजली कटौती से आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है. व्यापारियों और विद्यार्थियों ने भी परेशानी बढ़ने की बात कही. प्रदर्शन की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे. अधिकारियों ने लोगों से बातचीत कर जल्द समाधान का भरोसा दिलाया. नागरिकों ने मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को आवेदन भी सौंपा. प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि समस्या हल नहीं हुई तो बड़ा आंदोलन होगा. लोगों का कहना है कि कई वार्डों में मोबाइल कॉल तक नहीं लगती. इंटरनेट सेवा प्रभावित होने से ऑनलाइन काम भी बाधित हो रहे हैं. अस्पताल और जरूरी सेवाओं पर भी असर पड़ने की बात सामने आई है. आश्वासन मिलने के बाद प्रदर्शन समाप्त कर यातायात बहाल किया गया.

अब चार रंग के डस्टबिन से होगी शहर की सफाई

सुकमा. सुकमा नगर पालिका ने स्वच्छता अभियान को मिशन मोड में आगे बढ़ाना शुरू कर दिया है. ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 को लेकर व्यापारियों और संस्थानों की बैठक आयोजित की गई. बैठक में कचरे को अलग-अलग श्रेणियों में बांटने की जानकारी दी गई. अब गीला, सूखा, सेनेटरी और हानिकारक कचरे के लिए अलग डस्टबिन अनिवार्य होंगे. नगर पालिका ने नागरिकों से घर स्तर पर ही कचरा पृथक्करण करने की अपील की. अधिकारियों ने कहा कि इससे सफाई व्यवस्था अधिक प्रभावी बनेगी. बड़े संस्थानों और होटल संचालकों के लिए अलग दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं. बल्क वेस्ट जनरेटरों को ऑनलाइन पंजीयन भी कराना होगा. गीले कचरे के प्रसंस्करण की जिम्मेदारी संस्थानों को स्वयं उठानी होगी. नगर पालिका ने शिकायत निवारण के लिए हेल्पलाइन और व्हाट्सएप नंबर भी जारी किया. बैठक में सिंगल यूज पॉलिथीन पर रोक लगाने की अपील की गई. प्रशासन ने कहा कि स्वच्छ शहर के लिए जनभागीदारी जरूरी है. अब नियमों के पालन को लेकर निगरानी और सख्ती दोनों बढ़ाई जाएंगी.

मोबाइल फॉरेंसिक वेन से जांच होगी और तेज

जगदलपुर. बस्तर संभाग में अपराध जांच को तकनीकी मजबूती देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है. जगदलपुर में मोबाइल फॉरेंसिक वेन का शुभारंभ किया गया. यह अत्याधुनिक वेन घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने में पुलिस की मदद करेगी.
अधिकारियों का कहना है कि इससे जांच प्रक्रिया और तेज व सटीक बनेगी. कार्यक्रम में पुलिस और प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे. फॉरेंसिक विशेषज्ञ अब मौके पर ही डिजिटल और तकनीकी जांच कर सकेंगे. इस सुविधा से साइबर और आपराधिक मामलों में त्वरित कार्रवाई संभव होगी. पुलिस का दावा है कि आधुनिक तकनीक से अपराधियों तक पहुंच आसान होगी. वेन में जांच से जुड़े अत्याधुनिक उपकरण लगाए गए हैं. बस्तर संभाग में पहली बार इस तरह की मोबाइल सुविधा उपलब्ध हुई है. अधिकारियों ने इसे न्याय प्रक्रिया के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया. इससे ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों की जांच में भी तेजी आने की उम्मीद है. पुलिस विभाग अब तकनीक आधारित जांच व्यवस्था को और मजबूत करने की तैयारी में है.

निजी जमीन पर निर्माण का दावा निकला भ्रामक

जगदलपुर. सोशल मीडिया में निजी जमीन पर शासकीय निर्माण के दावे को प्रशासन ने भ्रामक बताया है. राजस्व विभाग ने मामले की जांच कर अभिलेखों का परीक्षण किया. जांच में संबंधित भूमि को शासकीय भूमि पाया गया. प्रशासन के अनुसार खसरा क्रमांक 541 राजस्व रिकॉर्ड में सरकारी जमीन के रूप में दर्ज है. सोशल मीडिया में इस मामले को लेकर कई तरह के दावे किए जा रहे थे. अधिकारियों ने कहा कि तथ्यों की पुष्टि के बाद ही स्थिति स्पष्ट की गई है. प्रशासन ने अफवाहों से बचने और सही जानकारी पर भरोसा करने की अपील की. मामले को लेकर राजस्व विभाग ने दस्तावेजों का विस्तृत परीक्षण किया. अधिकारियों का कहना है कि गलत जानकारी फैलाने वालों पर भी नजर रखी जा रही है. प्रशासन ने कहा कि सरकारी रिकॉर्ड पूरी तरह स्पष्ट हैं. सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक सूचनाओं को लेकर सतर्क रहने को कहा गया है. स्थानीय स्तर पर भी लोगों को सही जानकारी दी जा रही है. प्रशासन ने कहा कि तथ्यहीन दावों से भ्रम की स्थिति पैदा होती है.