जगदलपुर। बस्तर की बहुप्रतीक्षित बोधघाट परियोजना एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है। सरकार इसे इंद्रावती नदी संरक्षण, सिंचाई और रोजगार से जोड़कर विकास का बड़ा मॉडल बता रही है। दावा है कि परियोजना से लाखों हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा मिलेगी और कृषि, पर्यटन व मत्स्य पालन को नई गति मिलेगी।
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जलविद्युत क्षमता को 500 से घटाकर 300 मेगावाट करते हुए स्थानीय रोजगार पर अधिक फोकस रखा गया है। वहीं दूसरी ओर प्रस्तावित डूब क्षेत्र के 42 गांवों के हजारों ग्रामीण विस्थापन को लेकर चिंतित हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सदियों पुराने गांव और खेती योग्य भूमि को छोड़ना आसान नहीं होगा। उनका आरोप है कि पुनर्वास के लिए पर्याप्त भूमि की स्पष्ट व्यवस्था अब तक सामने नहीं आई है।

परियोजना से करीब 13 हजार से अधिक लोग प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। 28 गांव पूर्ण और 14 गांव आंशिक डूब क्षेत्र में शामिल बताए गए हैं। इसी कारण विकास और जनहित के बीच संतुलन को लेकर बहस तेज हो गई है। अब सभी की नजर सरकार की पुनर्वास नीति और आगामी फैसलों पर टिकी हुई है।
महारानी अस्पताल को मिलेगा नया विस्तार
जगदलपुर। बस्तर के ऐतिहासिक महारानी अस्पताल को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने की तैयारी शुरू हो गई है। स्वास्थ्य मंत्री ने औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा की। अस्पताल की क्षमता 200 से।बढ़ाकर 300 बिस्तरों तक करने का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए। डायलिसिस सेंटर और कैंसर यूनिट को प्राथमिकता के साथ पूरा करने पर जोर दिया गया।
अटल आरोग्य लैब में 134 प्रकार की जांच सुविधाएं जल्द शुरू कराने के निर्देश भी दिए गए। निरीक्षण के दौरान ओपीडी, इमरजेंसी, ब्लड बैंक और अन्य इकाइयों का जायजा लिया गया। मरीजों और उनके परिजनों से सीधे बातचीत कर व्यवस्थाओं का फीडबैक लिया गया।
अस्पताल परिसर की खराब सड़कों की मरम्मत के भी निर्देश दिए गए हैं। डॉक्टर्स डे के अवसर पर चिकित्सकों का सम्मान कर सेवा भावना से कार्य करने की अपील की गई। स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार से बस्तरवासियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। अब निर्देशों पर अमल की गति पर सबकी नजर रहेगी।
बस्तर रेंज को मिला नया पुलिस नेतृत्व
जगदलपुर। बस्तर रेंज में पुलिस नेतृत्व का नया अध्याय शुरू हो गया है। आईपीएस अधिकारी बद्रीनारायण मीणा ने नए पुलिस महानिरीक्षक का पदभार संभाल लिया है। उन्होंने केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर गए सुन्दरराज पट्टलिंगम का स्थान लिया है।। पदभार ग्रहण समारोह में वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी रही।
निवर्तमान आईजी ने जनता, सुरक्षा बलों और मीडिया के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। शहीद जवानों को श्रद्धांजलि भी अर्पित की गई। नए आईजी ने सुरक्षा और जनविश्वास को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया। उन्होंने स्थायी शांति और समावेशी विकास के लिए टीमवर्क पर जोर दिया। मिशन 2026 के लक्ष्यों को और तेज गति से आगे बढ़ाने की बात कही। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास को साथ लेकर चलने की रणनीति पर काम होगा। बस्तर में नई पुलिस नेतृत्व से नई उम्मीदें जुड़ गई हैं।
ईशिता कोड़ोपी बनीं ‘प्रिंसेस ऑफ छत्तीसगढ़-2026’
दंतेवाड़ा। दंतेवाड़ा की बेटी ईशिता कोड़ोपी ने राज्य स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने “प्रिंसेस ऑफ छत्तीसगढ़-2026” का प्रतिष्ठित खिताब अपने नाम किया। रैंप वॉक, व्यक्तित्व, आत्मविश्वास और मंच प्रस्तुति में उन्होंने निर्णायकों को प्रभावित किया।
प्रदेशभर से आई प्रतिभागियों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा रही। ईशिता के प्रदर्शन ने बस्तर संभाग का गौरव बढ़ाया है। उनकी सफलता छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों की बेटियों के लिए प्रेरणा बनी है। प्रतियोगिता में व्यक्तित्व और प्रतिभा के आधार पर प्रतिभागियों का मूल्यांकन किया गया। विजेताओं का सम्मान राज्यस्तरीय समारोह में किया गया। आयोजकों ने इसे नई प्रतिभाओं को मंच देने की पहल बताया। ईशिता की उपलब्धि से दंतेवाड़ा में खुशी का माहौल है। क्षेत्र के लोगों ने उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं।
966 साल पुराने राजपुर महल से जुड़ी रहस्यमयी विरासत
जगदलपुर। बस्तर के राजपुर गांव में स्थित लगभग 966 वर्ष पुराने नागवंशी महल के अवशेष आज भी इतिहास समेटे हुए हैं। महल के सामने स्थापित भगवान गणेश की दुर्लभ प्रतिमा श्रद्धा का प्रमुख केंद्र है। लोक मान्यता के अनुसार अंतिम नागवंशी राजा हरिश्चंद्र देव और रानी प्रभावती इस धरोहर की रक्षा करते हैं।
ग्रामीणों के बीच आज भी इस महल को लेकर कई रहस्यमयी कथाएं प्रचलित हैं। बताया जाता है कि महल और खजाने की सुरक्षा नाग-नागिन के रूप में होती है। इसी कारण कई लोग महल के भीतर जाने से आज भी कतराते हैं। हालांकि दुर्लभ गणेश प्रतिमा का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो चुका है।
स्थानीय लोग पुरातात्विक संरक्षण की कमी पर चिंता जता रहे हैं। इतिहासकारों के अनुसार यह स्थल छिन्दक नागवंशी शासन की महत्वपूर्ण विरासत है। संरक्षण और संवर्धन की मांग लगातार उठ रही है। यह धरोहर आज भी बस्तर के इतिहास और लोकविश्वास का महत्वपूर्ण हिस्सा बनी हुई है।
समय रहते रुका नाबालिग की शादी का प्रयास
बीजापुर। बीजापुर जिले के भोपालपटनम क्षेत्र में एक 15 वर्षीय किशोरी का बाल विवाह समय रहते रोक दिया गया। जागरूक नागरिकों की सूचना पर प्रशासन और महिला एवं बाल विकास विभाग सक्रिय हुआ। चाइल्ड हेल्पलाइन और पुलिस की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची।
परिजनों और ग्रामीणों को बाल विवाह के कानूनी और सामाजिक दुष्परिणाम समझाए गए। समझाइश के बाद परिवार ने विवाह रोकने पर सहमति दी। बालिका की पढ़ाई जारी रखने का लिखित आश्वासन भी दिया गया। प्रशासन ने इसे जनजागरूकता का सकारात्मक परिणाम बताया।
अधिकारियों ने कहा कि बाल विवाह कानूनन अपराध है। ऐसी किसी भी सूचना पर तत्काल हेल्पलाइन को जानकारी देने की अपील की गई।जनभागीदारी से ही इस सामाजिक कुरीति पर प्रभावी रोक संभव बताई गई। यह कार्रवाई एक बच्ची के भविष्य को सुरक्षित करने की मिसाल बनी।
किसान की खड़ी फसल के बीच तालाब निर्माण पर विवाद
जगदलपुर। बस्तर जिले के जीरागांव में तालाब निर्माण को लेकर नया विवाद सामने आया है। एक किसान ने आरोप लगाया है कि उसकी वर्षों से जोती जा रही भूमि पर खुदाई शुरू कर दी गई। किसान का कहना है कि बिना पूर्व सूचना निर्माण कार्य शुरू कराया गया। उसने फसल कटाई के बाद काम शुरू करने का आग्रह भी किया था।
आरोप है कि पहले चयनित भूमि छोड़कर दूसरी जमीन पर काम कराया जा रहा है। इससे उसकी धान की फसल प्रभावित होने की आशंका है। परिवार की आजीविका खेती पर निर्भर होने से आर्थिक नुकसान की चिंता बढ़ गई है। मामले को लेकर पंचायत की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए गए हैं। ग्रामीण स्तर पर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। अब प्रशासनिक जांच और समाधान की मांग तेज हो गई है। सभी की नजर अब संबंधित अधिकारियों की कार्रवाई पर है।
सरकारी सोलर उपकरणों की कथित अवैध बिक्री पर सवाल
जगदलपुर। बकावंड क्षेत्र में सरकारी सोलर उपकरणों की कथित अवैध खरीद-फरोख्त का मामला चर्चा में है। आरोप है कि किसानों को दिए गए सोलर पंप और अन्य उपकरण दूसरे राज्य भेजे जा रहे हैं। स्थानीय लोगों ने कुछ बिचौलियों की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। सरकार ने किसानों की सिंचाई सुविधा बढ़ाने के उद्देश्य से यह योजना शुरू की थी। यदि आरोप सही पाए गए तो योजना के उद्देश्य पर गंभीर असर पड़ सकता है।
ग्रामीणों ने सरकारी संपत्ति के दुरुपयोग का आरोप लगाया है। मामले को लेकर क्षेत्र में जांच की मांग तेज हो गई है। एसडीएम ने शिकायत को गंभीर बताते हुए जांच के निर्देश दिए हैं। दोषी पाए जाने वालों पर नियमानुसार कार्रवाई की बात कही गई है। प्रशासन का कहना है कि सरकारी योजनाओं का दुरुपयोग किसी भी कीमत पर।स्वीकार नहीं किया जाएगा। अब जांच रिपोर्ट के बाद पूरे मामले की तस्वीर साफ होगी।
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