पटना। ​सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत द्वारा नई पीढ़ी की भारतीय महिलाओं और जेनरेशन जी (Gen Z) के खिलाफ दिए गए बयानों पर राजनीतिक घमासान मच गया है। पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव ने कंगना के बयानों की कड़ी निंदा करते हुए उन्हें सदन से निष्कासित करने और तुरंत गिरफ्तार कर मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। पप्पू यादव ने तंज कसते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जहां देश की नई पीढ़ी यानी Gen Z को अपना ‘फ्रेंड्स’ बताते हैं, वहीं भाजपा की सांसद उन्हें ‘गटर जनरेशन’ और ‘गद्दार’ कहकर संबोधित कर रही हैं।

​कंगना का विवादित बयान: युवा महिलाओं को बताया गटर जेनरेशन

​कंगना रनौत ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट के स्टोरी सेक्शन में एक लंबा पोस्ट साझा कर भारतीय युवा महिलाओं की नई पीढ़ी पर निशाना साधा था। उन्होंने लिखा कि सबसे शर्मनाक बात उन युवा हिंदू महिलाओं का व्यवहार है, जो आधुनिक और करियर-ओरिएंटेड महिलाओं की नकल तो करना चाहती हैं, लेकिन उसकी जिम्मेदारी नहीं उठाना चाहतीं।
​कंगना ने पश्चिमी सोच से प्रभावित इस वर्ग को ‘गटर जेनरेशन’ करार देते हुए कहा कि इनमें से कुछ के पास समाज को देने के लिए कुछ नहीं है। उन्होंने तीखे शब्दों में कहा कि ये महिलाएं पढ़ाई में अच्छी नहीं हैं, लेकिन इतनी भ्रष्ट मानसिकता रखती हैं कि अच्छी गृहिणी भी नहीं बन सकतीं। इसके बावजूद वे अपनी तथाकथित आजादी का प्रदर्शन करती हैं। उन्होंने आगे जोड़ा कि आजाद जीवन कमाना पड़ता है, और बिना जिम्मेदारी के स्वतंत्रता चाहने वाले लोग केवल विकृत मानसिकता वाले ‘गटर छाप’ होते हैं।

​स्टूडेंट प्रोटेस्ट और परवरिश पर उठाए थे सवाल

​कंगना रनौत ने इससे पहले स्टूडेंट प्रोटेस्ट को लेकर भी सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणियां की थीं। उन्होंने प्रदर्शनों के वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा था कि उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी में इतनी बदसूरती कभी एक साथ नहीं देखी। Gen Z के विरोध-प्रदर्शनों की रीलों को देखकर उन्हें घिन आती है और इनके बोलने का तरीका बेहद परेशान करने वाला है। कंगना ने सवाल उठाया था कि आखिर ऐसी संतानों को जन्म कौन दे रहा है और इनकी परवरिश कैसी हो रही है।
​इसके साथ ही, आंदोलनों के दौरान कंगना ने जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शनों को ‘हुड़दंग और उत्पात’ करार दिया था। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा था कि सरकार पर दबाव बनाने के लिए सार्वजनिक सड़कों पर हंगामा करना गलत है और ऐसे मुद्दों पर बहस के लिए संसद ही एकमात्र सही जगह है।